वित्तमंत्री सीतारमण ने विपक्ष को दिया जबाब, कहा - पहले अपने नेताओं से धन की हेराफेरी के बारे में पूंछे।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट-2024 को लेकर हमलावर विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा बजट पर उठाए गए विभिन्न सवालों का भी जबाव दिया है। उन्होंने कहा कि पहले अपने नेताओं से पूंछे कि कैसे उन्होंने गरीबों के लिए हितकारी धन में हेराफेरी की थी। कहा कि एससी, एसटी, महिलाओं और पिछड़े वर्गों की अनदेखी की बात की जा रही है, जबकि मैं कहूंगी कि उनके विकास के लिए आवंटन बढ़ा दिया गया है। हलवा समारोह के मुद्दे पर पर राहुल गांधी की ओर से किए गए हमले पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'ये कब से फोटो इवेंट बन गया? 2013-14 में भी हलवा बांटा गया था। क्या किसी ने उनसे पूछा कि उस समय इसमें कितने एससी, एसटी थे?' मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहती हूं कि सभी सदस्य जानते हैं कि यदि किसी राज्य का नाम नहीं लिया गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें पैसा नहीं मिलेगा। यह एक भ्रामक अभियान है। मुझे यह जानकर दुख होता है कि वे कह सकते हैं कि यदि आपने किसी राज्य का नाम नहीं लिया है तो उसे कुछ नहीं मिलेगा।' केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पहले के बजट में भी कई राज्यों का जिक्र नहीं किया गया था। 2009 के बजट में सिर्फ 2 राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार का जिक्र किया गया था।
कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए काल के दौरान हर बजट में कुछ ही राज्यों का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा, 'मैं यूपीए सरकार से पूछना चाहती हूं जिन राज्यों का नाम नहीं लिया गया था क्या उन राज्यों को पैसा नहीं दिया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बजट भाषण में केवल मुख्य बातें हैं और सभी राज्यों को उनका हिस्सा मिल चुका है। आज उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर यूपीए काल के बजट भाषणों का विश्लेषण करके नतीजे पेश किए। उन्होंने कहा, 'मैं 2004-05 से ही बजटों पर नजर रख रही हूं। 2004-05 में बजट भाषण में 17 राज्यों का नाम नहीं था। 2006-07 में 16 राज्यों का नाम नहीं था।
बजट में अनुसूचित जाति (एसी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को पर्याप्त आवंटन नहीं किये जाने का आरोप लगाने वाले विपक्षी सांसदों को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आइना दिखाया। बजट आवंटन में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी के आंकड़े देते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं को कर्नाटक जाने की सलाह दी, जहां एससी-एसटी के आवंटित राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। कहा कि एससी-एसटी के लिए कर्नाटक में आवंटित 9,980 करोड़ रुपये में से 4301 करोड़ रुपये कहां गया पता नहीं चल पा रहा है।
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उनके अनुसार बाल्मिकी कोआपरेटिव फंड में 187 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लग रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया खुद कह रहे हैं कि 187 करोड़ का नहीं, बल्कि सिर्फ 89 करोड़ रुपये का घोटाला है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि खुद एससी-एसटी फंड में घोटाला कर रहे हैं और यहां हमें एससी-एसटी पर भाषण दे रहे हैं। केंद्रीय बजट पर बहस का जवाब देते हुए सीतारमण ने विपक्षी कांग्रेस पार्टी से कहा कि वह पहले अपने नेताओं और कर्नाटक सरकार से पूछे कि कैसे एससी/एसटी समुदायों के कल्याण के लिए निर्धारित धन की हेराफेरी की गई बजाय इसके कि वह एनडीए को गरीब कल्याण पर उपदेश दे।
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