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अयोध्या न्यूज़: जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ निकला मुन्ना भाई, हृदय रोग पद पर था तैनात फर्जी डॉक्टर विनोद सिंह।

By inanews.org May16,2024
Ayodhya News Munna Bhai turned out to be a cardiologist in the district hospital, fake doctor Vinod Singh was posted on the post of cardiologist.

राष्ट्रपति समेत अन्य वीवीआईपी दौरों पर भी ड्यूटी कर चुके हैं डॉ. विनोद, एसआईसी ने रोक दिया था वेतन, तो नाराज होकर दे दिया इस्तीफा, मानव सम्पदा पोर्टल पर इंट्री के समय कागजातों के क्रमांक में मिली थी गड़बड़ी।

अयोध्या। जिला चिकित्सालय अयोध्या के फर्जी डॉक्टर विनोद कुमार सिंह का प्रमाणपत्रों के साथ नाम भी फर्जी होने का मामला चर्चा में है। वर्ष 2013 में बस्ती जिला अस्पताल में एमडी मेडिसिन की डिग्री पर गेंदा सिंह के नाम से सर्विस कर रहा था। जहां बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सत्यापन में फर्जी पाए जाने पर बस्ती जिला अस्पताल के तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक डॉ पीके सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 12 मई 2013 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जिला अस्पताल अयोध्या में डॉक्टरों की कमी थी। शासन से पत्राचार के बाद यहां करीब 4 माह पूर्व कार्डियोलॉजिस्ट पद पर डॉक्टर विनोद सिंह के नाम से तैनाती प्राप्त कर ली। यहां मानव सम्पदा पोर्टल पर इंट्री के दौरान ज्वाइनिंग के प्रमाणपत्रों के क्रमांक में गड़बड़ी पर जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ उत्तम कुमार ने वेतन आहरण पर रोक लगा दी।

जिसके बाद शनिवार को इस्तीफा देकर डॉक्टर विनोद कुमार सिंह भाग निकला। बुधवार को जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर उत्तम कुमार ने बताया कि मानव सम्पदा पोर्टल पर इंट्री के लिए जो कागजात प्रस्तुत किए उसमें कुछ त्रुटियां थीं जिससे वेतन रोका गया। जवाब में डॉक्टर विनोद सिंह ने इस्तीफा दे दिया जिसे डीजी कार्यालय भेज दिया गया है।फिलहाल जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

कई जिलों में प्राइवेट प्रैक्टिस कर चुका है कथित डॉ विनोद सिंह

विश्वस्त सूत्रों और चर्चाओं के मुताबिक 2005 में बरेली के नवाबगंज में क्लिनिक खोलकर डॉ. विनोद कुमार राठौर के साथ प्रैक्टिस करने लगा। जांच में फर्जी पकड़े जाने पर थाना नवाबगंज में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। 2011 में जनपद सोनभद्र के चोपन सीएचसी में संविदा पर नौकरी की। 2012 में अंजनीपुर फैजाबाद में क्लिनिक खोला और सीएचसी हर्रैया बस्ती के सामने गुप्ता मेडिकल स्टोर पर बैठता था।

साथ ही प्रत्येक रविवार को डुमरियागंज थाने के बेंवा में भारत मेडिकल स्टोर पर डॉ. जीएस भदौरिया के नाम से प्रेक्टिस करता था। खास बात यह कि असली नाम इसका बांके लाल राजभर निवासी थाना पवई जनपद आजमगढ़ बताया जा रहा है। अधिकतर जिलों में इसकी पोल खुलती रही। जेल जाता रहा फिर जेल से छूटते नए नाम से डॉक्टर बनकर तैनाती भी पा लेता है लेकिन जांच का क्या होता है इसकी जानकारी कोई भी अधिकारी नहीं देता है।

राष्ट्रपति समेत अन्य वीवीआईपी दौरों पर भी ड्यूटी कर चुके हैं डॉ. विनोद

बतौर कार्डियोलॉजिस्ट तैनाती के दौरान डॉ. विनोद कुमार सिंह समय-समय पर होने वाले वीवीआईपी दौरों में भी चिकित्सीय व्यवस्था का जिम्मा संभाल चुके हैं। एक मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर भी उन्होंने वीवीआईपी ड्यूटी की थी।

सूट-बूट में आते थे डॉ. विनोद, गिनाते थे अपना रसूख

कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में तैनात डॉ. विनोद कुमार सिंह सूट-बूट पहनकर शान-शौकत से ओपीडी पहुंचते थे। वार्डों में भर्ती मरीजों का राउंड लेकर इलाज करते थे। इस बीच स्वयं के बड़े खानदान से होने का दावा करके अपना रसूख गिनाते नहीं थकते थे। मीडियाकर्मियों से मुलाकात होने पर स्वयं को एक पत्रिका उप संपादक भी बताते थे।

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