Sitapur News: कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ।

महिलाओं ने किया तुलसी पूजन व शालिग्राम भगवान का पूजन अर्चन ....

By INA News Desk
Nov 15, 2024 - 17:00
82 Views
Sitapur News: कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ।

रिपोर्ट- सुरेन्द्र कुमार INA न्यूज़ नीमसार

नैमिषारण्य (सीतापुर)। विश्व विख्यात तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में गुरुवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। हिन्दू धर्म मेंकार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद पुण्यदायी माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल कार्तिक मास की पूर्णिमा (Kartik Purnima 2024) 15 नवंबर 2024 यानी आज के दिन मनाई जा रही है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिथि पर गंगा स्नान और दीपदान अवश्य करना चाहिए।

इससे सुख-सौभाग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जिसमें नैमिषारण्य के राज घाट और देव देवेश्वर घाट पर श्रद्धालुओं ने सुबह होते ही गोमती गंगा में स्नान दान व पूजन किया इसमें काफी संख्या में भक्तों की भीड़ गोमती घाट पर देखने को मिली और आज मोसम की मार की वजह से कोहरे ने यातायात साधनो पर लगायी ब्रेक दूर दूर से श्रद्धालु व भक्तगण नैमिषारण्य राजघाट गंगा एवं चक्रतीर्थ कुण्ड स्नान के लिए पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही भक्तों ने नैमिषारण्य के राजघाट एवं देवदेवेश्वर घाट पर आदि गंगा गोमती में स्नान किया एवं पूजन अर्चन के साथ ब्राह्मणों को दान दक्षिणा भी प्रदान की। इस दौरान नैमिषारण्य चक्रतीर्थ कुण्ड पर एवं विभिन्न घाटों पर हजारों की संख्या में भीड़ देखने को मिली।

  • कार्तिक पूर्णिमा का महत्व 

हिन्दू वैदिक के सनातन धर्म में कार्तिक माह और पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। कार्तिक माह में गंगा स्नान और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। इस दिन दीप-दान और मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा करने पर शुभ फलों की प्राप्ति में वृद्धि होती है। कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के रूप में मत्स्य अवतार हुआ था, मत्स्य अवतार को भगवान विष्णु के दस अवतारों में पहला अवतार माना जाता है। 

  • सिख धर्म में भी कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व ।

कार्तिक पूर्णिमा का सिख धर्म में भी विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। सिख धर्म में इसे गुरु प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर नैमिषारण्य स्तिथ सिख गुरुद्वारों में विशेष पूजा-पाठ और लंगर का आयोजन किया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है।

Also Read- Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 555वें प्रकाश पर्व में हुए शामिल।

भगवान नारायण को मानने वाले सनातनी भक्त गण संपूर्ण कार्तिक मास देव दीपावली मनाते हैं जिस श्रंखला में लोग घर, मंदिर, नदी एवं अन्य धार्मिक स्थानो पर संपूर्ण माह दीपदान करते हैं, शुक्रवार को विश्राम दिवस देव दीपावली के रूप में मनाया गया। विशेष रूप से इस दिन लोग तुलसी एवं शालिग्राम विवाह एवं माँ गंगा स्नान एवं पूजन करते हैं। इस दिन महिलाओं ने तुलसी शालिग्राम विवाह एवं पूजन किया। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement