मिशन कर्मयोगी में यूपी देश में नंबर-1, गृह विभाग ने पूरे किए 1 करोड़ से अधिक कोर्स, सीएम योगी ने बांटे पुरस्कार
मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा। गृह विभाग ने अकेले 1 करोड़ से अधिक कोर्स पूरे किए। सीएम योगी ने उत्कृष्ट विभागों को किया सम्मानित।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर क्षमता विकास तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता को नई दिशा देने वाले राष्ट्रीय अभियान 'मिशन कर्मयोगी' के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रुपाम) तथा भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला में उत्तर प्रदेश को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इस रैंकिंग में राजस्थान ने दूसरा तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की इस गौरवशाली उपलब्धि पर राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए।
उत्तर प्रदेश की ओर से रुपाम के महानिदेशक एम. देवराज, निदेशक संजय कुमार तथा अपर निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी सुनील कुमार चौधरी को इस महत्वपूर्ण बदलाव के सफल नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
19.23 लाख पंजीकृत कार्मिक, 99 प्रतिशत से अधिक सक्रिय
आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 19.23 लाख से अधिक सरकारी कार्मिक पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जिनमें से 99 प्रतिशत से अधिक नियमित रूप से सक्रिय हैं। इसके साथ ही 'उन्नति' पहल के तहत राज्य के 350 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों का सफल पंजीकरण किया जा चुका है। प्रदेश में निर्भय नेत्री, निर्भय चेतना, कौशल सेतु और कौशल सारथी जैसे विशेष क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के जरिए निचले स्तर तक के कर्मियों को आधुनिक कार्यप्रणाली में दक्ष बनाया जा रहा है।
गृह और शिक्षा विभाग का ऐतिहासिक प्रदर्शन, जीते शीर्ष पुरस्कार
विभागीय श्रेणियों के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों को भी मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया:
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श्रेणी ‘क’: गृह विभाग ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। विभाग के कार्मिकों ने अकेले एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कर अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया। गृह विभाग की ओर से डीजी ट्रेनिंग राजीव अग्रवाल और डीआईजी देवरंजन वर्मा ने यह सम्मान ग्रहण किया। इसी श्रेणी में एक करोड़ से अधिक कोर्स पूर्ण करने वाले बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग को द्वितीय पुरस्कार मिला, जिसे अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा व महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी ने प्राप्त किया।
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श्रेणी ‘ख’: उच्च शिक्षा विभाग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया (अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने सम्मान ग्रहण किया), जबकि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग को द्वितीय स्थान मिला (अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया)।
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श्रेणी ‘ग’: हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को प्रथम (प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने प्राप्त किया) तथा प्रशासनिक सुधार विभाग को द्वितीय पुरस्कार (सचिव भूपेंद्र चौधरी ने ग्रहण किया) प्रदान किया गया।
उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क का शुभारंभ
कार्यशाला में क्षमता विकास आयोग द्वारा देश के एक हजार से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता के सतत मूल्यांकन के लिए 'उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स' का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह इंडेक्स संकाय, पाठ्यक्रम और बुनियादी ढांचे के आधार पर 3 संकेतकों और 7 क्षेत्रों पर आधारित स्टार-रेटिंग व्यवस्था प्रदान करेगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए कमियों की पहचान की जाएगी।
इसके साथ ही 'नेशनल करिकुलम डिजाइन फ्रेमवर्क' (NCDF) जारी किया गया, जिसके तहत अधिकारियों की भूमिका के अनुरूप चार स्तरों बुनियादी, निपुणता, उन्नत और विशेषज्ञता में सुनियोजित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान रुपाम ने प्रशिक्षण गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अन्य केंद्रीय व राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित अकादमियों के साथ महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापनों) पर भी हस्ताक्षर किए।
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