Lucknow : मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, SIR प्रक्रिया पर सहयोग मांगा
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे हर बूथ पर बूथ स्तर एजेंट (BLA) नियुक्त करें। ये एजेंट बूथ स्तर अधिकारी (BLO) के साथ गणना प्रपत्र के वितर
लखनऊ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सचिवालय स्थित कार्यालय सभागार में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने SIR की प्रक्रिया, भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दलों से सुझाव और परामर्श भी लिए। रिणवा ने कहा कि बिहार के बाद यह SIR का दूसरा चरण है। SIR के दौरान सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए राजनीतिक दलों और नागरिकों का सहयोग जरूरी है। इससे कोई पात्र व्यक्ति वोटर बनने से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में न आए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे हर बूथ पर बूथ स्तर एजेंट (BLA) नियुक्त करें। ये एजेंट बूथ स्तर अधिकारी (BLO) के साथ गणना प्रपत्र के वितरण और संग्रहण में मदद करेंगे। हर BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र मतदाताओं से भरवाकर BLO को जमा कर सकेगा। रिणवा ने बताया कि जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और विधानसभा स्तर पर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) भी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया बताएंगे। आयोग के निर्देशों की जानकारी देंगे। मतदाता सूची आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in और CEO की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध है। इसे डाउनलोड किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी BLO घर-घर जाकर गणना प्रपत्र और घोषणा पत्र सभी मतदाताओं को देंगे। भरे प्रपत्र की एक प्रति अपने पास रखेंगे। दूसरी प्रति हस्ताक्षर सहित मतदाताओं को पावती के रूप में लौटाएंगे। इस दौरान गणना प्रपत्र के अलावा कोई अन्य दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। शहरी, अस्थायी और प्रवासी मतदाता गणना प्रपत्र ऑनलाइन भी भर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसी मतदान स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। एक ही परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान स्थल पर हो। इसके लिए सभी मतदान स्थलों का सत्यापन और संभावना प्रक्रिया पूरी होगी। इसमें राजनीतिक दलों का सहयोग जरूरी है। प्रदेश में वर्तमान में 15.44 करोड़ मतदाता हैं। 1,62,486 मतदान स्थल हैं। सभी पर बूथ स्तर अधिकारी तैनात हैं।
रिणवा ने बताया कि भरे और हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र वाले मतदाताओं का नाम आलेख्य प्रकाशन में शामिल होगा। मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची, जिन्हें आलेख्य में नहीं लिया जाएगा, CEO उत्तर प्रदेश की वेबसाइट और सरकारी कार्यालयों में दिखाई जाएगी। वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब और अन्य वंचित वर्गों को सुविधा के लिए वॉलंटियर तैनात होंगे।
उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि में कोई मतदाता दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के फैसले से असंतुष्ट मतदाता की पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट सुनेंगे। जिला मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनेंगे। रिणवा ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की नींव है। 3 नवंबर तक तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों का मुद्रण पूरा होगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक BLO घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और संग्रहित करेंगे। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी गणना प्रपत्रों पर फैसला लेंगे। दावे और आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण करेंगे। 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
मुख्य बिंदु :
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक की।
बैठक में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सभी दलों से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की गई।
सभी दलों को प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने के निर्देश।
प्रत्येक बीएलए अधिकतम 50 गणना प्रपत्र प्रतिदिन भरवाकर बीएलओ को सौंप सकेगा।
बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और संग्रहित करेंगे, प्रत्येक मतदाता को पावती प्रति दी जाएगी।
मतदाता सूची voters.eci.gov.in और ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध।
किसी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।
प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता और 1,62,486 मतदेय स्थल हैं।
वृद्ध, दिव्यांग, बीमार एवं वंचित वर्गों के लिए वालंटियर तैनात किए जाएंगे।
दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी करेंगे।
समयसीमा निर्धारण:
03 नवम्बर तक तैयारी व गणना प्रपत्रों का मुद्रण।
04 नवम्बर–04 दिसम्बर 2025: घर-घर जाकर प्रपत्र वितरण व संकलन।
09 दिसम्बर 2025: ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन।
09 दिसम्बर 2025–08 जनवरी 2026: दावे/आपत्तियों की अवधि।
07 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई (एम), आम आदमी पार्टी, अपना दल (एस) के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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