Kanpur : लैंबोर्गिनी से कई वाहनों को टक्कर मारने के बाद फर्जी कहानी का पर्दाफाश, नकली ड्राईवर को फंसाने की साजिश खुली

हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और लैंबोर्गिनी कार को जब्त कर लिया। फोरेंसिक जांच के लिए कार को भेजा गया। शुरुआत में कार के मालिक के

Feb 12, 2026 - 23:52
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Kanpur : लैंबोर्गिनी से कई वाहनों को टक्कर मारने के बाद फर्जी कहानी का पर्दाफाश, नकली ड्राईवर को फंसाने की साजिश खुली
Kanpur : लैंबोर्गिनी से कई वाहनों को टक्कर मारने के बाद फर्जी कहानी का पर्दाफाश, नकली ड्राईवर को फंसाने की साजिश खुली

  • कानपुर लैंबोर्गिनी हादसा: चार दिन बाद गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा
  • तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को जमानत, चंद घंटों में रिहा
  • लैंबोर्गिनी कांड में नकली ड्राइवर की कोशिश नाकाम, पुलिस ने पकड़ा शिवम को

कानपुर में लक्जरी कार हादसे का मामला सुर्खियों में आया है, जहां एक महंगी लैंबोर्गिनी कार ने वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार से कई वाहनों और लोगों को टक्कर मार दी थी। इस घटना में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया और चार दिन बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। घटना के बाद से जांच में कई मोड़ आए, जिसमें ड्राइवर के रूप में किसी अन्य व्यक्ति को पेश करने की कोशिश भी शामिल रही, लेकिन पुलिस ने सबूतों के आधार पर शिवम मिश्रा को ही कार चलाने वाला बताया। रविवार को कानपुर के वीआईपी रोड पर एक लैंबोर्गिनी रेवेल्टो कार ने तेज गति से एक ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल और पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में छह लोग घायल हुए, जिनमें ई-रिक्शा चालक तौसीफ अहमद, बाइक सवार विशाल और सोनू त्रिपाठी शामिल थे। कार ने डिवाइडर चढ़कर एक पोल से टकराकर रुकी। घटना के तुरंत बाद कार के आसपास मौजूद निजी सुरक्षा गार्ड्स ने नंबर प्लेट हटाने की कोशिश की और शिवम मिश्रा को ड्राइवर सीट से बाहर निकाला। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पुलिस ने पुष्टि की कि हादसे के समय शिवम मिश्रा ही कार चला रहे थे। कार की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है।

पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई

हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और लैंबोर्गिनी कार को जब्त कर लिया। फोरेंसिक जांच के लिए कार को भेजा गया। शुरुआत में कार के मालिक के परिवार की ओर से दावा किया गया कि कार किसी ड्राइवर द्वारा चलाई जा रही थी। पुलिस ने जांच में पाया कि शिवम मिश्रा ने पुलिस नोटिस का जवाब नहीं दिया और जांच में सहयोग नहीं किया। इस आधार पर ग्वालटोली थाने की पुलिस ने गुरुवार सुबह शिवम मिश्रा को उनके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने कई टीमों का गठन किया था और दिल्ली से भी शिवम की तलाश की जा रही थी, लेकिन अंत में कानपुर में ही उन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

नकली ड्राइवर पेश करने की कोशिश

हादसे के एक दिन बाद, बुधवार को कार के कथित ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की। मोहन ने दावा किया कि वह कार चला रहा था और हादसे के समय शिवम मिश्रा को अचानक दौरा पड़ा था, जिससे वह घबरा गया और कार पर नियंत्रण खो बैठा। मोहन ने कहा कि कार का ऑटोमैटिक लॉकिंग सिस्टम होने से वह तुरंत बाहर नहीं निकल सका। हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया और सबूत पेश किए कि शिवम मिश्रा ही ड्राइवर था। कोर्ट ने मोहन की सरेंडर याचिका को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि पुलिस ने स्पष्ट सबूत दिए थे। जांच में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शी बयान और अन्य वीडियो से शिवम की भूमिका साबित हुई।

कोर्ट में सुनवाई और जमानत

गुरुवार को पुलिस ने शिवम मिश्रा को एसीजेएम 7 अमित सिंह की कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की। पुलिस ने कहा कि जांच में सहयोग न करने और नोटिस की अनदेखी के कारण गिरफ्तारी हुई। शिवम मिश्रा ने कोर्ट में खुद अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने उचित नोटिस के बिना और सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार मामले के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए गिरफ्तारी की। कोर्ट ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी और शिवम मिश्रा को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पुलिस को फटकार भी लगाई और कहा कि प्रक्रियागत खामियां थीं। रिहाई के बाद शिवम को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया।

हादसे में घायलों का इलाज चल रहा है और पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने, जान जोखिम में डालने और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की है। लैंबोर्गिनी कार जब्त है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने कहा कि सबूतों से शिवम मिश्रा की ड्राइविंग साबित हुई है। घटना ने कानपुर में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर चर्चा छेड़ दी है। पुलिस जांच जारी है और आगे के सबूत जुटाए जा रहे हैं।

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