मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में त्योहारों से पहले पुलिस ने अपराधियों पर कसा शिकंजा, 408 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
भोपाल में त्योहारों से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक बड़ा अभियान
- भोपाल पुलिस की आधी रात कॉम्बिंग गश्त में ईरानी डेरे पर छापेमारी, 39 लोग गिरफ्तार और एक करोड़ का सोना जब्त
- त्योहारों की सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस का बड़ा अभियान, शहर भर में 400 जवानों ने दी दबिश
भोपाल में त्योहारों से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें कुल 408 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई मुख्य रूप से वारंटियों और फरार अपराधियों को पकड़ने पर केंद्रित थी। पुलिस ने विशेष रूप से निशातपुरा क्षेत्र के अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर फोकस किया, जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
इस अभियान की शुरुआत मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब दो बजे हुई। पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में लगभग 400 पुलिसकर्मियों की टीम ने शहर भर में कॉम्बिंग गश्त की। इस दौरान विभिन्न थानों और इलाकों में छापे मारे गए, जिसके परिणामस्वरूप 283 स्थाई वारंटी और 125 गिरफ्तारी वारंटी वाले आरोपियों सहित कुल 408 लोग गिरफ्तार किए गए। इन आरोपियों पर चोरी, नकबजनी, चेन स्नैचिंग, वाहन चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। कई आरोपियों पर अन्य राज्यों में भी मामले लंबित थे।
ईरानी डेरे पर हुई विशेष कार्रवाई में पुलिस ने अमन कॉलोनी क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया। इलाके में घर-घर तलाशी ली गई और संदिग्धों से पूछताछ की गई। इस दबिश के दौरान 31 पुरुष और 8 महिलाओं सहित कुल 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कुछ लोग लंबे समय से फरार चल रहे थे और विभिन्न राज्यों में वांटेड थे। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके कारण उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में से कुछ संगठित अपराध से जुड़े थे और वे विभिन्न अपराधों में शामिल थे।
दबिश के दौरान पुलिस ने ईरानी डेरे से बड़ी मात्रा में संपत्ति जब्त की। इसमें 644.56 ग्राम सोने के आभूषण शामिल थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई। इसके अलावा 240 ग्राम चांदी के आभूषण, 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन (जिनकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये), 1.35 लाख रुपये नकद और 1.7 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया। ये वाहन और अन्य सामान चोरी के मामलों से जुड़े होने की आशंका जताई गई। जब्त की गई संपत्ति को अपराध में इस्तेमाल होने वाले साधनों के रूप में देखा जा रहा है।
यह अभियान भोपाल पुलिस द्वारा त्योहारों से पहले अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम था। पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे अभियान चलाए, जिसमें वारंटियों को पकड़ना, फरार अपराधियों को ढूंढना और संगठित गिरोहों पर नजर रखना शामिल था। ईरानी डेरे को विशेष लक्ष्य बनाया गया क्योंकि वहां से कई अपराधों की जानकारी मिली थी। कार्रवाई लगभग 6 घंटे तक चली, जिसमें पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए इलाके को सील किया और किसी भी संदिग्ध को भागने का मौका नहीं दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ ऐसे थे जो अन्य राज्यों से भी वांटेड थे। उदाहरण के लिए, यूपी पुलिस का एक मोस्ट वांटेड आरोपी भी इस कार्रवाई में पकड़ा गया। पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ की और उनके माध्यम से अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। जब्त सामान की जांच से यह पता चला कि ये अपराध संगठित तरीके से किए जा रहे थे। पुलिस ने इस अभियान को सफल बताते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा थी, जिसमें वारंटियों की गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति की बरामदगी प्रमुख थी।
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