Kanpur : नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दरोगा इंटरनेट मीडिया पर एक्टिव, पुलिस खाक छान रही लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं

दरोगा अमित कुमार मौर्या गोरखपुर निवासी है और घटना के समय भीमसेन पुलिस चौकी में तैनात था हालांकि वह बिठूर थाने से जुड़ा हुआ था। जांच में डिजिटल फॉरेंसिक से उसकी घ

Jan 15, 2026 - 01:01
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Kanpur : नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दरोगा इंटरनेट मीडिया पर एक्टिव, पुलिस खाक छान रही लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं
Kanpur : नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दरोगा इंटरनेट मीडिया पर एक्टिव, पुलिस खाक छान रही लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं

  • कानपुर गैंगरेप केस में निलंबित दरोगा अमित मौर्या फरार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी जबकि पुलिस चार टीमों के साथ तलाश में जुटी
  • कानपुर में फरार निलंबित दरोगा अमित मौर्या की तलाश जारी, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया हाइलाइट्स के बीच पुलिस की गहन छानबीन

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है, जहां आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या निलंबित होने के बाद भी फरार है और सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियां या संबंधित वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं जबकि पुलिस उसकी तलाश में चप्पे-चप्पे छान रही है। कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में जनवरी 2026 की शुरुआत में एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। घटना सोमवार रात करीब 10 बजे हुई जब किशोरी घर के पास से गुजर रही थी। आरोप है कि उसे जबरन एक काली स्कॉर्पियो कार में खींच लिया गया और रेलवे लाइन के किनारे सुनसान इलाके में ले जाकर लगभग दो घंटे तक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के रूप में स्थानीय यूट्यूबर शिवबरन यादव और दरोगा अमित कुमार मौर्या का नाम सामने आया। कार दरोगा अमित मौर्या के नाम पर रजिस्टर्ड थी जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

दरोगा अमित कुमार मौर्या गोरखपुर निवासी है और घटना के समय भीमसेन पुलिस चौकी में तैनात था हालांकि वह बिठूर थाने से जुड़ा हुआ था। जांच में डिजिटल फॉरेंसिक से उसकी घटनास्थल पर मौजूदगी साबित हुई। घटना के बाद दरोगा फरार हो गया और पुलिस ने उसे निलंबित कर दिया। यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लगभग 20 घंटे तक कार्रवाई में देरी की गई।

फरार आरोपी पर इनाम और धमकियां

  • इनाम: 50 हजार रुपये।
  • टीमें: चार विशेष टीमों का गठन।
  • धमकी: अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश।
  • ट्रेसिंग: मोबाइल नंबर बंद, तकनीकी निगरानी जारी।
  • हाईकोर्ट: आरोपी ने गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। डीसीपी पश्चिम दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटा दिया गया। सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को लापरवाही और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में निलंबित किया गया। भीमसेन चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया गया। एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच अब एडीसीपी कपिलदेव सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने चार टीमें गठित की हैं जो गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत अन्य जिलों में दरोगा की तलाश कर रही हैं।

घटना की समयरेखा

  • सोमवार रात दस बजे: नाबालिग लड़की का अपहरण।
  • दो घंटे बाद: पीड़िता को घर के बाहर फेंका गया।
  • अगला दिन: परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
  • जांच में: पीड़िता के बयान से आरोपियों के नाम सामने आए।
  • कार्रवाई: यूट्यूबर गिरफ्तार, सब-इंस्पेक्टर निलंबित।
  • धमकियां: जनवरी 12 को परिवार को व्हाट्सएप संदेश मिले।

मामले में पीड़िता के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई जिसमें पोक्सो एक्ट की धाराएं भी शामिल की गईं। शुरुआती एफआईआर में पोक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया था जिसके कारण लापरवाही के आरोप लगे। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की आशंका से इनकार नहीं किया गया। पीड़िता के भाई ने बताया कि पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया और कोर्ट स्टेटमेंट तक घर लौटने नहीं दिया। परिवार ने कवर-अप का भी आरोप लगाया।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

  • डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (वेस्ट) दिनेश चंद्र त्रिपाठी: पद से हटाए गए।
  • सचेंडी थाना अध्यक्ष विक्रम सिंह: निलंबित।
  • एसीपी पनकी: लाइन हाजिर।
  • भीमसेन चौकी इंचार्ज: निलंबित।
  • सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार मौर्या: निलंबित और फरार।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और जानकारी वायरल हुई हैं जिसमें घटना के अगले दिन के फुटेज और अन्य संबंधित सामग्री शामिल है। ये वीडियो तेजी से इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे हैं। दरोगा अमित मौर्या की फरारी के कारण पुलिस की तलाश जारी है लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है क्योंकि आरोपी खुद एक पुलिस अधिकारी है। जांच में आगे के तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने घटनास्थल, थाने और चौकी का निरीक्षण किया और लापरवाही के कई बिंदु उजागर हुए। पीड़िता के परिवार को धमकियां मिलने की भी खबरें आईं जिनकी जांच चल रही है।

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