Prayagraj : प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम पर व्याख्यान, इतिहास को जीवित रखने की अपील

सुधीर विद्यार्थी ने 1921 से स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा शुरू की और क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ सान्याल के प्रसिद्ध पीला पर्चा का जिक्र किया जिसमें शोषण मुक्त समाज की कल्पना की

Feb 28, 2026 - 21:13
 0  8
Prayagraj : प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम पर व्याख्यान, इतिहास को जीवित रखने की अपील
सेमिनार में विचार रखते सुधीर विद्यार्थी।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय के तहत लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध लेखक सुधीर विद्यार्थी ने इतिहास, क्रांतिकारी भावना और आज की चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि लेखक सिर्फ पुरानी घटनाओं का ब्यौरा न दें बल्कि आने वाले समय को सही दिशा देने वाला लेखन भी करें। यह बहुत जरूरी है।

सुधीर विद्यार्थी ने 1921 से स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा शुरू की और क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ सान्याल के प्रसिद्ध पीला पर्चा का जिक्र किया जिसमें शोषण मुक्त समाज की कल्पना की गई थी। उन्होंने काकोरी कांड को स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण मोड़ बताया और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रयागराज के आनंद भवन को राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बताते हुए आचार्य कृपलानी की भाषा, बलुआ घाट की ऐतिहासिक सभा में बालकृष्ण भट्ट के भाषण और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद व भगत सिंह के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने सबको आह्वान किया कि इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए, उसे जीवित रखना आज की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति सत्यकाम ने की। उन्होंने प्रयागराज के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इतिहास को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार ने किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम निदेशक एस कुमार ने किया और धन्यवाद संजय सिंह ने दिया। मौके पर विश्वविद्यालय के आचार्य, सह आचार्य, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और शोधार्थी मौजूद रहे।

Also Click : Sambhal : वक्त की कमी और कानूनी पेच में उलझा 'नेजा मेला', अध्यक्ष शाहिद मसूदी बोले- अब सुप्रीम कोर्ट की तैयारी?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow