तमिलनाडु की सत्ता में नए युग का उदय- मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में विधानसभा के पहले सत्र का बिगुल बजा

विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रोटेम स्पीकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में, रविवार को चेन्नई स्थित राजभवन में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ वरिष्ठ विधायक एमवी करुपैया

May 11, 2026 - 11:01
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तमिलनाडु की सत्ता में नए युग का उदय- मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में विधानसभा के पहले सत्र का बिगुल बजा
तमिलनाडु की सत्ता में नए युग का उदय- मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में विधानसभा के पहले सत्र का बिगुल बजा

  • प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया ने संभाली कमान: चेन्नई राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई शपथ, विधायकों के स्वागत की तैयारी पूरी
  • दशकों पुरानी द्विदलीय राजनीति का अंत: तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के गठन के बाद विधानसभा में आज शपथ लेंगे सभी सदस्य

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है, क्योंकि राज्य की नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र सोमवार सुबह 9:30 बजे से शुरू होने वाला है। इस सत्र का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह राज्य में पिछले छह दशकों से चले आ रहे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के वर्चस्व के अंत का प्रतीक है। तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद यह पहला औपचारिक विधायी समागम है। विधानसभा के इस उद्घाटन सत्र के दौरान सबसे प्रमुख गतिविधि सभी नवनिर्वाचित विधायकों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाना होगी। राजनीतिक गलियारों में इस सत्र को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि जनता ने इस बार पारंपरिक दलों से इतर एक नई राजनीतिक विचारधारा पर भरोसा जताया है।

विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रोटेम स्पीकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में, रविवार को चेन्नई स्थित राजभवन में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ वरिष्ठ विधायक एमवी करुपैया ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें यह शपथ दिलाई। करुपैया, जो चोलवंदन विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं, अपनी सादगी और जमीनी अनुभव के लिए जाने जाते हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद रहे, जिन्होंने करुपैया को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कार्य नए विधायकों को शपथ दिलाना और तब तक सदन की अध्यक्षता करना होता है जब तक कि स्थायी स्पीकर का चुनाव संपन्न न हो जाए। सोमवार सुबह जैसे ही विधानसभा की घंटी बजेगी, सदन में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया की अध्यक्षता में होने वाले इस सत्र में सबसे पहले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय शपथ लेंगे, जिसके बाद उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य और फिर निर्वाचित विधायक एक-एक करके शपथ ग्रहण करेंगे। गौरतलब है कि TVK ने इस चुनाव में 108 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन के साथ बहुमत का आंकड़ा पार किया है। सदन में इस बार कई नए चेहरे नजर आएंगे, जो पहली बार विधायी प्रक्रिया का हिस्सा बनने जा रहे हैं। सचिवालय परिसर के भीतर स्थित विधानसभा कक्ष को इस विशेष अवसर के लिए भव्य तरीके से सजाया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। संसदीय लोकतंत्र में प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति एक अनिवार्य परंपरा है। यह सुनिश्चित करता है कि निर्वाचित प्रतिनिधि बिना किसी देरी के अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए आधिकारिक रूप से शपथ ले सकें।

इस नए सत्र की शुरुआत के साथ ही तमिलनाडु की राजनीतिक कार्यप्रणाली में बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री विजय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित एक नई प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करेगी। विधानसभा के भीतर बैठने की व्यवस्था और विपक्षी दलों की भूमिका भी इस बार बदली-बदली नजर आएगी। दशकों तक सत्ता के केंद्र में रहे DMK और AIADMK अब विपक्ष की बेंचों पर बैठकर सरकार की नीतियों की समीक्षा करेंगे। जानकारों का मानना है कि यह सत्र केवल एक औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह नहीं है, बल्कि यह आने वाले पांच वर्षों के लिए राज्य के विकास और विधायी प्राथमिकताओं का रोडमैप तैयार करने का एक शुरुआती मंच भी है।

विधानसभा के इस पहले सत्र के कार्यक्रम को दो दिनों में विभाजित किया गया है। सोमवार को जहां केवल शपथ ग्रहण की प्रक्रिया चलेगी, वहीं मंगलवार को सदन के स्थायी स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होना निर्धारित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्पीकर पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। चुनाव संपन्न होने तक एमवी करुपैया सदन के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। राज्यपाल द्वारा प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के बाद अब पूरी प्रशासनिक मशीनरी सोमवार सुबह की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। चेन्नई की सड़कों पर भी समर्थकों का उत्साह चरम पर है, जो अपने चहेते नेताओं को पहली बार सदन के भीतर प्रवेश करते देखने के लिए उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के लिए यह सत्र व्यक्तिगत रूप से भी एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने के बहुत कम समय के भीतर एक मजबूत जनाधार तैयार किया और सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया। विधानसभा सत्र से ठीक पहले, उन्होंने राज्य के महान समाज सुधारकों को श्रद्धांजलि देकर यह संकेत दिया कि उनकी राजनीति की जड़ें तमिल संस्कृति और कल्याणकारी नीतियों में गहराई से जुड़ी हैं। रविवार को राजभवन में हुए संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली शपथ ग्रहण समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि नई सरकार और राज्यपाल के बीच समन्वय बेहतर रहने वाला है, जो राज्य के सुचारू संचालन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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