उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा में बड़ा उलटफेर, परीक्षा में शामिल सभी 4000 से अधिक अभ्यर्थी हुए पूरी तरह असफल।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा 2023
- कड़े मानकों के आगे ढेर हुए परीक्षार्थी, चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण की कसौटी पर एक भी उम्मीदवार के खरा न उतरने से खाली रह गए सभी 331 पद
- आशुलेखन गति परीक्षा में शुद्धता का पैमाना साबित हुआ सबसे बड़ी बाधा, आयोग सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी विस्तृत जानकारी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा 2023 के परिणाम ने राज्य के शैक्षणिक और प्रशासनिक गलियारों में एक अभूतपूर्व और हैरान करने वाली स्थिति पैदा कर दी है। सरकारी सेवा में उच्च पदों पर आसीन होने की चाह रखने वाले और वर्षों से इस भर्ती प्रक्रिया की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह परिणाम एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित झटका लेकर आया है। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस विशेष भर्ती अभियान के तहत विज्ञापित सभी पदों के लिए आयोजित की गई चयन प्रक्रिया में एक भी उम्मीदवार अंतिम यानी तीसरे चरण की परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त नहीं कर सका। परीक्षा के दूसरे चरण में शामिल हुए सभी 4000 से अधिक अभ्यर्थी कड़े तकनीकी मानकों और मूल्यांकन प्रणाली के सामने पूरी तरह असफल साबित हुए, जिसके चलते आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी बड़ी भर्ती के तहत विज्ञापित शत-प्रतिशत सीटें पूरी तरह रिक्त रह गई हैं।
इस असाधारण और चौंकाने वाले परीक्षा परिणाम की आधिकारिक पुष्टि करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने प्रयागराज स्थित मुख्यालय से एक विस्तृत विज्ञप्ति और अधिसूचना जारी की है। आयोग सचिव द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विज्ञापन संख्या ए-5/ई-1/2023 के तहत अपर निजी सचिव के कुल 331 रिक्त पदों को भरने के लिए इस पूरी व्यापक चयन प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की गई थी। इस भर्ती के प्रति राज्य के युवाओं में भारी उत्साह देखा गया था और हजारों की संख्या में योग्य स्नातकों ने इसके लिए आवेदन जमा किए थे। हालांकि, जब इस लंबी और कठिन चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण का अंतिम परिणाम घोषित किया गया, तो आयोग को सेवा नियमावलियों और प्रासंगिक शासनादेशों के अनुसार एक भी ऐसा योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सका जो प्रशासनिक सेवा की इन महत्वपूर्ण और जिम्मेदार कुर्सियों को संभालने की न्यूनतम योग्यता भी रखता हो।
UPPSC एपीएस भर्ती परीक्षा 2023 का विवरण:
विज्ञापित कुल रिक्तियां: 331 पद (सभी विभाग)
प्रथम चरण की परीक्षा तिथि: 07 जनवरी 2024
प्रथम चरण में सफल कुल अभ्यर्थी: 5,889 उम्मीदवार
द्वितीय चरण में उपस्थित कुल अभ्यर्थी: 4,240 उम्मीदवार
अंतिम रूप से सफल उम्मीदवार: शून्य (0)
आयोग का प्रशासनिक निर्णय: सभी 331 पदों को अगली भर्ती के लिए अग्रेनीत (कैरी फॉरवर्ड) किया गया।
इस अभूतपूर्व सामूहिक असफलता के मुख्य तकनीकी कारणों और व्यावहारिक पहलुओं का गहराई से विश्लेषण करने पर यह बात पूरी तरह साफ हो जाती है कि चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण में शामिल की गई 'हिंदी आशुलेखन' यानी शॉर्टहैंड और कंप्यूटर टाइपिंग की परीक्षा ही अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी और अभेद्य दीवार साबित हुई। एपीएस पद की संवेदनशीलता और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सेवा नियमावली के तहत यह अनिवार्य शर्त रखी गई थी कि दूसरे चरण की इस व्यावहारिक कसौटी में शामिल होने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को हिंदी आशुलेखन में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की गति हासिल करनी होगी, और वह भी पूरी तरह से त्रुटिरहित होनी चाहिए। जब आयोग के विशेषज्ञ परीक्षकों की टीम ने दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल हुए सभी 4,240 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं और टाइपिंग स्क्रिप्ट का गहनता से मूल्यांकन किया, तो यह बेहद निराशाजनक कड़वी हकीकत सामने आई कि एक भी अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर इस कड़े गति मानक और शुद्धता के पैमाने पर खरा नहीं उतर सका।
इस भर्ती प्रक्रिया के ऐतिहासिक घटनाक्रम और कालक्रम पर नजर डाली जाए तो उत्तर प्रदेश शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपर निजी सचिवों की भारी कमी को दूर करने के लिए सितंबर 2023 में इस भर्ती का बहुप्रतीक्षित विज्ञापन जारी किया गया था। लगभग 32 महीनों के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई इस भर्ती के पहले चरण की लिखित परीक्षा का आयोजन 7 जनवरी 2024 को राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पूरी शुचिता के साथ किया गया था। इसके बाद 4 मार्च 2024 को पहले चरण के परिणाम की घोषणा की गई, जिसमें उनकी उच्च शैक्षणिक योग्यता और लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर कुल 5,889 अभ्यर्थियों को अगले दौर के व्यावहारिक परीक्षण के लिए योग्य पाया गया था। इसके पश्चात, दूसरे चरण की यह व्यावहारिक परीक्षा 28 जून 2024 से लेकर 18 जुलाई 2024 तक राजधानी लखनऊ के विभिन्न केंद्रों पर दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 4,240 अभ्यर्थी बड़े भरोसे के साथ शामिल हुए थे, लेकिन शॉर्टहैंड की कठिन कसौटी ने सभी के सपनों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया।
इस बेहद असामान्य परिणाम के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रशासनिक बोर्ड ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है, जिसके तहत भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की सभी संभावनाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुसार, जब तक चयन प्रक्रिया के प्रत्येक अनिवार्य चरण को सफलतापूर्वक पार नहीं किया जाता, तब तक किसी भी अभ्यर्थी को अगले चरण यानी कंप्यूटर प्रैक्टिकल के तीसरे दौर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी विधिक व्यवस्था को आधार बनाते हुए आयोग ने परीक्षा के विज्ञापन के तहत स्वीकृत सभी 331 पदों को पूरी तरह से निरस्त करते हुए शासन को वापस भेजने और इन्हें आगामी नई भर्ती प्रक्रिया के लिए 'अग्रेनीत' यानी कैरी फॉरवर्ड करने का कड़ा फैसला लिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान प्रशासनिक ढांचे में इन पदों पर तत्काल कोई नई नियुक्ति नहीं की जा सकेगी और इन रिक्तियों को भविष्य में निकलने वाले नए विज्ञापनों के माध्यम से ही दोबारा भरने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा जगत और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में इस परिणाम को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा और अप्रत्याशित उलटफेर माना जा रहा है, जिसने पारंपरिक शॉर्टहैंड और आशुलेखन कला के गिरते स्तर पर एक बहुत बड़ा वैधानिक सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। प्रतियोगिता के इस आधुनिक दौर में जहां अभ्यर्थी लिखित परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के विषयों में असाधारण अंक प्राप्त कर लेते हैं, वहीं आशुलेखन जैसी अत्यधिक तकनीकी, व्यावहारिक और निरंतर अभ्यास की मांग करने वाली कला में उनकी यह भारी विफलता चिंताजनक है। आयोग के सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा की इस पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस परीक्षा में शामिल होने वाले सभी 4,240 अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत प्राप्तांक, शॉर्टहैंड में उनके द्वारा की गई गलतियों का प्रतिशत और अन्य विस्तृत विवरण बहुत जल्द आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिए जाएंगे, ताकि सभी उम्मीदवार अपनी व्यक्तिगत कमियों और तकनीकी खामियों का आत्मनिरीक्षण कर सकें।
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