यूपी में छात्रवृत्ति योजना का समयबद्ध और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित, नोडल अधिकारी किए जाएंगे तैनात
उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दिशा-निर्देश जारी किए। कोई भी पात्र छात्र लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने को लेकर मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि राज्य का कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रहने पाए। इसके लिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को समाज कल्याण विभाग द्वारा तय की गई समय-सारिणी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान अपने परिसर में संचालित मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों, शुल्क ढांचे, कुल सीटों और अन्य विवरणों को पोर्टल पर समय पर दर्ज करें। इसमें किसी तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए ताकि छात्रों को समय से छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।
विभिन्न विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित विभागों में सचिव या विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और सम्बद्ध संस्थाओं को नवीन पाठ्यक्रमों और सीटों के संशोधन संबंधी प्रस्तावों का त्वरित सत्यापन कर विवरण को मास्टर डाटाबेस में अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान बताया गया कि सत्र 2026-27 के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के कक्षा 9-10 तथा 11-12 एवं उच्चतर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए आवेदन, सत्यापन और राशि अंतरण के लिए विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है। अगर पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज की जाती है, तो संबंधित संस्था और अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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