Sambhal News: लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेन-जी का जागना शुभ संकेत, जवाबदेही के लिए महाभियोग जरूरी- पिंकी सिंह यादव
जनपद सम्भल की असमोली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी सिंह यादव ने देश के ज्वलंत राजनीतिक
उवैस दानिश, सम्भल
जनपद सम्भल की असमोली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी सिंह यादव ने देश के ज्वलंत राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश के युवाओं ('जेन-जी'), चुनावी पारदर्शिता और 'समान नागरिक संहिता' (UCC) को लेकर बेबाक विचार रखे।
- युवाओं का प्रदर्शन और चुनावी पारदर्शिता
विधायक पिंकी सिंह यादव ने कहा कि आज का युवा (Gen Z) अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह सचेत और सजग है। जब भी मताधिकार की पारदर्शिता पर कोई सवाल या संदेह खड़ा होता है, तो युवाओं का मुखर होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर युवा या नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना चाहते हैं और सरकार उन्हें इसकी अनुमति (परमिशन) नहीं देती, तो यह सरकार के भीतर छिपे डर और बौखलाहट को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। युवा सिर्फ अपने अधिकारों और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जो बिल्कुल न्यायसंगत है। यदि मतदान प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार है, तो सरकार को जवाब देने से भागना नहीं चाहिए।
- चुनाव आयोग और महाभियोग का मुद्दा
चुनावी नामावलियों में गड़बड़ी और फर्जी तरीके से नाम काटे जाने के गंभीर आरोपों पर बोलते हुए सपा विधायक ने कहा कि जनता, महिलाओं और बुजुर्गों के वोट काटना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के साथ-साथ इस विषय को संसद के दोनों सदनों में मजबूती से उठाया जाएगा और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने के लिए महाभियोग (Impeachment) जैसे संवैधानिक कदम की दिशा में बात रखी जाएगी।
- यूसीसी (UCC) और देश के मौजूदा हालात पर राष्ट्रपति से अपील
गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने और गजट नोटिफिकेशन जारी होने के सवाल पर विधायक पिंकी सिंह यादव ने कहा कि केवल कानून या गजट बना देना ही काफी नहीं है। देश के समग्र हालातों को देखना बेहद जरूरी है। माननीया राष्ट्रपति महोदया से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से पूरे देश में अराजकता, सामाजिक वैमनस्यता और आपस में खाइयां खोदने की परिपाटी चलाई जा रही है, उस पर अंकुश लगना अनिवार्य है। राष्ट्रपति महोदया को पूरे देश के माहौल पर पैनी नजर रखनी चाहिए। संविधान के दायरे में रहकर सभी के लिए कानून का पालन सुनिश्चित कराया जाए। यदि संविधान की रक्षा के लिए राष्ट्रपति जी को हस्तक्षेप करना पड़े, तो उन्हें देशहित में आगे आना चाहिए। पिंकी सिंह यादव के इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में चुनावी पारदर्शिता, युवाओं के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
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