Hyderabad Cyber Crime DCP Transfer: पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट और Meta इंडिया हेड पर FIR के बाद DCP अरविंद बाबू हटाए गए
Hyderabad Cyber Crime DCP Transfer: तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू को पद से हटाया। Meta India प्रमुख पर FIR के बाद हुई यह बड़ी कार्रवाई।
- Hyderabad Police Action: हैदराबाद के साइबर क्राइम DCP पद से हटाए गए वी अरविंद बाबू, तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला
- Meta India Head पर FIR के दो दिन बाद तेलंगाना सरकार का बड़ा एक्शन, हैदराबाद के साइबर क्राइम DCP पद से हटाए गए
- Telangana Action: हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू ड्यूटी से हटाए गए, Meta हेड पर हुई थी FIR
तेलंगाना सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी. अरविंद बाबू को उनके पद से हटा दिया है। यह फैसला मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड कंटेंट फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के ठीक दो दिन बाद सामने आया है। राज्य गृह विभाग के आदेशानुसार अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामलों की प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया था। अब इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय आगे की रणनीति तय करेगा।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस प्रशासन के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखा गया है। राज्य सरकार ने हैदराबाद साइबर क्राइम विंग के डीसीपी वी. अरविंद बाबू को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर डीजीपी कार्यालय (पुलिस मुख्यालय) से संबद्ध कर दिया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने टेक दिग्गज कंपनी मेटा के इंडिया हेड अरुण श्रीनिवास और कई फेसबुक व इंस्टाग्राम हैंडल के खिलाफ शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉर्फ्ड (संशोधित) वीडियो और तस्वीरें वायरल होने लगीं। ये पोस्ट्स कथित तौर पर हालिया नीट (NEET) परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन से जुड़ी थीं, जिसमें 'कॉकरोच जनता पार्टी' नामक समूह के प्रदर्शनों का जिक्र था।
साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक अरुण श्रीनिवास समेत कई अज्ञात सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोप था कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा देने और प्रसारित करने के लिए किया जा रहा था।
हालांकि, जिस तत्परता और तरीके से इस हाई-प्रोफाइल मामले में टेक कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, उसे लेकर राज्य सरकार के उच्च स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली और प्रक्रियात्मक चूक को गंभीरता से लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप डीसीपी स्तर के अधिकारी को हटा दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार मामलों के दर्ज होने की प्रक्रिया में कानूनी और तकनीकी पहलुओं के संतुलन को लेकर बेहद संवेदनशील है। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि बिना व्यापक प्राथमिक जांच के टेक कंपनी के शीर्ष प्रमुख को सीधे आरोपी बनाना प्रक्रियात्मक दृष्टिकोण से उचित नहीं था।
दूसरी तरफ, पुलिस विभाग की ओर से इस तबादले को एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन घटना के समय को देखते हुए इसे सीधे मेटा हेड पर हुई एफआईआर से जोड़कर देखा जा रहा है।
हैदराबाद साइबर क्राइम विंग देश के प्रमुख टेक-हब में से एक माना जाता है। ऐसे में टेक दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों पर मामले दर्ज होने और उसके तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरने से पुलिस प्रशासन के काम करने के तौर-तरीकों पर चर्चा शुरू हो गई है। इसका सीधा असर साइबर अपराधों से निपटने वाले जांच तंत्र और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल पर पड़ेगा। अब अधिकारी किसी भी हाई-प्रोफाइल डिजिटल कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले विस्तृत विधिक सलाह लेना प्राथमिकता बनाएंगे।
पदमुक्त किए गए डीसीपी वी. अरविंद बाबू फिलहाल राज्य पुलिस मुख्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जहां उनके नए पदस्थापन पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, हैदराबाद साइबर क्राइम विंग में नए डीसीपी की नियुक्ति जल्द होने की संभावना है। इस बीच, मेटा के अधिकारियों और संबंधित सोशल मीडिया पेजों पर दर्ज एफआईआर की जांच अब नए सिरे से और अधिक सतर्कता के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।
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