Noida Delivery Boy Fraud: ऑनलाइन पार्सल में हेरफेर करने वाले डिलीवरी बॉय गिरफ्तार, 75 लाख का सामान बरामद
Noida Crime News: नोएडा में ऑनलाइन पार्सल से कीमती सामान चोरी करने वाले डिलीवरी बॉयज के गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस ने 75 लाख का सामान बरामद कर आरोपियों को पकड़ा।
- Noida Crime News: नोएडा में डिलीवरी बॉय निकले शातिर चोर, पार्सल बदलकर लगाया लाखों का चूना, 75 लाख का माल जब्त
- नोएडा में ऑनलाइन पार्सल का बड़ा फर्जीवाड़ा: डिलीवरी बॉय ही निकले चोर, पुलिस ने 75 लाख का कीमती सामान किया बरामद;
- Noida Parcel Scam: नोएडा पुलिस का बड़ा खुलासा, पार्सल में हेरफेर करने वाले गिरोह से 75 लाख का सामान बरामद
उत्तर प्रदेश के नोएडा में ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम में हेरफेर कर लाखों रुपये के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। नोएडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिलीवरी बॉय की आड़ में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 75 लाख रुपये मूल्य का कीमती सामान बरामद किया है। यह गिरोह ग्राहकों तक डिलीवरी पहुंचने से पहले ही असली सामान निकालकर उसमें नकली या सस्ता सामान भर देता था। पुलिस फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गोदाम कर्मचारियों की संलिप्तता का भी पता लगाया जा सके।
नोएडा शहर में ऑनलाइन शॉपिंग और कूरियर सर्विसेज के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने वाले पार्सल में धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ई-कॉमर्स कंपनियों और ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही नोएडा पुलिस ने ऐसे डिलीवरी बॉयज के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो रास्ते में पार्सल खोलकर असली और कीमती सामान चोरी कर लेते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 75 लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स, महंगे मोबाइल, ब्रांडेड सामान और अन्य गैजेट्स बरामद किए हैं।
पिछले कुछ समय से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में ई-कॉमर्स कंपनियों के पास पार्सल में गायब या बदला हुआ सामान मिलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। ग्राहक शिकायत करते थे कि महंगे मोबाइल या लैपटॉप के डिब्बे में ईंट, पत्थर या सस्ते सामान निकल रहे हैं। कंपनियों ने जब अपने स्तर पर और पुलिस की मदद से आंतरिक ऑडिट कराया, तो डिलीवरी चेन के एक विशिष्ट हिस्से पर संदेह गहराया।
जांच में सामने आया कि डिलीवरी हब से पार्सल निकलने के बाद और ग्राहक तक पहुंचने के बीच के समय में यह हेरफेर की जाती थी। गिरोह के सदस्य डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते थे। वे बड़ी सावधानी से पार्सल की पैकेजिंग खोलते थे, उसमें से कीमती डिवाइस या प्रोडक्ट निकालकर बिल्कुल उसी वजन का नकली सामान अंदर रख देते थे और टेप को दोबारा इस तरह चिपकाते थे कि किसी को शक न हो।
पुलिस की विशेष टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर छापेमारी कर आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में चोरी किए गए नए सीलबंद कीमती सामान जब्त किए गए, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी डिलीवरी बॉय के रूप में सिस्टम में घुसे हुए थे और कंपनी की साख का फायदा उठाकर धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार:
"ऑनलाइन डिलीवरी प्रक्रिया में पार्सल के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बरामद सामान की सूची तैयार की जा रही है और गिरोह के अन्य कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियों को भी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।"
वहीं, ई-कॉमर्स और कूरियर एजेंसियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। इस घटना ने ई-कॉमर्स कंपनियों के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑनलाइन खरीदारी करने वाले आम ग्राहकों के बीच भी पार्सल प्राप्त करने को लेकर अविश्वास का माहौल बना है। इस घटनाक्रम के बाद लॉजिस्टिक्स कंपनियों द्वारा डिलीवरी बॉयज के पुलिस वेरिफिकेशन और पार्सल की डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था को और मजबूत करने पर काम शुरू किया गया है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने यह चोरी किया हुआ सामान कहां-कहां बेचा है और क्या इस सिंडिकेट में गोदामों के सुपरवाइजर या अन्य उच्चाधिकारी भी शामिल हैं।
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