संतकबीरनगर में आकाशीय बिजली का कहर: धान की रोपाई कर रही दो महिलाओं की दर्दनाक मौत, परिवारों में मचा कोहराम

संतकबीरनगर जिले में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो अलग-अलग गांवों में धान की रोपाई कर रही दो महिलाओं की असमय मौत हो गई। पुलिस जांच में जुटी।

Jul 9, 2026 - 23:20
 0  4
संतकबीरनगर में आकाशीय बिजली का कहर: धान की रोपाई कर रही दो महिलाओं की दर्दनाक मौत, परिवारों में मचा कोहराम
संतकबीरनगर में आसमानी बिजली गिरने से बड़ा हादसा, अलग-अलग गांवों में धान लगा रही दो महिलाओं की झुलसकर मौत

संतकबीरनगर जिले में मौसम के बदले मिजाज और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ा हादसा हो गया। इस दैवीय आपदा की चपेट में आने से दो महिलाओं की असमय मौत हो गई। दिल को दहला देने वाली ये दोनों घटनाएं उस समय हुईं जब पीड़ित महिलाएं अपने खेतों में धान की रोपाई के काम में जुटी हुई थीं। अचानक हुए इस वज्रपात से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया और दोनों ही मृतकाओं के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

पहली दुखद घटना बेलहर कला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनौली गांव की है। यहां रहने वाली 17 वर्षीय चांदनी खेतों में अन्य लोगों के साथ धान की रोपाई कर रही थी। इसी बीच आसमान में घने बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ चांदनी के ऊपर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। खेत में मौजूद परिजन और अन्य ग्रामीण तुरंत उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां तैनात चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से मृतका के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं, दूसरी घटना बखिरा थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव से सामने आई है। यहाँ की निवासी 60 वर्षीय बरसाना, पत्नी तूफानी, भी अपने खेत में कृषि कार्य के तहत धान की रोपाई कर रही थीं। इसी दौरान वह भी अचानक कड़कड़ाकर गिरी आसमानी बिजली की सीधी चपेट में आ गईं। झटका इतना जोरदार था कि उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग जब तक दौड़कर उनके पास पहुंचे, तब तक उनका शरीर शांत हो चुका था।

इन दोनों ही हादसों की जानकारी मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस बल ने तत्काल गांवों का रुख किया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने संरक्षण में लेकर पंचनामे की कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की और इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। एक ही दिन दो अलग-अलग गांवों में हुई इन दुखद मौतों से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए आगे की जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

Also Click : कानपुर सीएसजेएमयू दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया पौधारोपण, छात्र-छात्राओं को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow