गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 20 प्रतिशत काम पूरा, 30 हजार दर्शकों की क्षमता के साथ पूर्वांचल को मिलेगा नया खेल केंद्र

गोरखपुर में 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 20% काम पूरा। 46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता के साथ हो रहा निर्माण।

Aug 5, 2026 - 22:59
 0  3
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 20 प्रतिशत काम पूरा, 30 हजार दर्शकों की क्षमता के साथ पूर्वांचल को मिलेगा नया खेल केंद्र

उत्तर प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार रफ्तार पकड़ चुका है। लगभग 392.94 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बन रही इस भव्य परियोजना का करीब 20 प्रतिशत निर्माण कार्य महज तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। इस स्टेडियम के शुरू होने से पूर्वांचल क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी का अवसर मिलेगा, साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

परियोजना का शिलान्यास मई माह में किया गया था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी मोड पर काम शुरू कराया गया। वर्तमान में मुख्य स्टेडियम परिसर में जमीन के समतलीकरण और पाइल फाउंडेशन का बेहद महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही बाहरी परिसर में सड़कों के निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। शासन स्तर से इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 110 करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में ही 50 करोड़ रुपये की किश्त जारी की गई है, जिससे निर्माण की गति लगातार बनी हुई है।

यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम लगभग 46 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला होगा और इसमें एक साथ 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। स्टेडियम को ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रिकेट पिच, आधुनिक आउटफील्ड, हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स, ब्रॉडकास्टिंग रूम, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ड्रेसिंग रूम और अभ्यास क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। तकनीकी बारीकियों और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए खेल निदेशक की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है जो लगातार निरीक्षण कर रही है।

स्टेडियम का निर्माण क्षेत्र निचले इलाके में स्थित होने के कारण जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक आधुनिक और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम डिजाइन किया गया है। इसके अलावा निर्माण कार्य की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट को अनिवार्य किया गया है। वित्तीय किश्तों का भुगतान भी स्थल निरीक्षण रिपोर्ट और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही किया जा रहा है।

खेल विभाग के विशेष सचिव कुमार विनीत के अनुसार, यह स्टेडियम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसकी प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। तय 24 महीने की समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पूर्वांचल के युवाओं और खेल प्रेमियों को जल्द ही एक अत्याधुनिक खेल परिसर की सौगात मिल सके।

Also Click : Sambhal: सम्भल हातिम सराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की उठी मांग, विहिप बोला- 'हरिहर नगर' रखा जाए नाम

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow