BSP MLA Umashankar Singh Last Rites: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बलिया में अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का बलिया के श्रीरामपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। बेटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में 20 हजार लोग और हजारों गाड़ियां शामिल हुईं।
- Umashankar Singh Funeral Ballia: श्रीरामपुर गंगा घाट पर उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में उमड़े 20 हजार लोग
- बलिया में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा: 20 हजार लोगों का हुजूम, 20 किमी लंबा जाम और नम आंखों से विदाई
- बलिया: BSP विधायक उमाशंकर सिंह का श्रीरामपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार श्रीरामपुर गंगा घाट पर पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों और राजकीय सम्मान के बीच संपन्न हो गया। विधायक के बेटे ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने पिता को मुखाग्नि दी। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र से लगभग 20 हजार लोगों का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा।
अंतिम यात्रा के दौरान हजारों गाड़ियों का लंबा काफिला साथ चल रहा था, जिसके कारण लगभग 20 किलोमीटर तक मार्ग पर सड़क जाम जैसी स्थिति बनी रही। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा कर "उमाशंकर सिंह अमर रहें" के नारे लगाए और नम आंखों से अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता और बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे पूर्वांचल और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
विधायक के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हजारों समर्थक, स्थानीय नागरिक, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और प्रशासनिक अधिकारी बलिया पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए जब उनका पार्थिव शरीर निकला तो पूरे मार्ग पर जनसैलाब देखने को मिला।
उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा बलिया स्थित उनके आवास से श्रीरामपुर गंगा घाट के लिए रवाना हुई। यात्रा शुरू होते ही हजारों गाड़ियों का काफिला उनके पार्थिव शरीर के पीछे चलने लगा। लगभग 20 हजार से अधिक लोग अपने नेता की एक झलक पाने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर खड़े दिखे। अंतिम यात्रा जिस-जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों ने छतों और रास्तों के किनारे से पार्थिव शरीर पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। "उमाशंकर सिंह अमर रहें" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
काफिले और पैदल चल रहे समर्थकों की भारी संख्या के कारण बलिया में लगभग 20 किलोमीटर लंबे रास्ते पर यातायात पूरी तरह से थम गया। ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के दृष्टि से अंतिम यात्रा के पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। श्रीरामपुर गंगा घाट पहुँचने के बाद धार्मिक विधि-विधान पूरा किया गया, जिसके पश्चात उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
विधायक उमाशंकर सिंह के असमय निधन पर बहुजन समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक जताया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें क्षेत्र का एक ऐसा नेता बताया जो हर वर्ग के दुख-दर्द में हमेशा मुस्तैद रहता था। समर्थकों ने कहा कि उमाशंकर सिंह केवल एक राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहने वाले अभिभावक समान थे।
विधानसभा में बसपा के इकलौते चेहरे के रूप में उमाशंकर सिंह की उपस्थिति बेहद महत्वपूर्ण थी। उनके निधन से बहुजन समाज पार्टी ने अपने एक मजबूत और जनाधार वाले स्तंभ को खो दिया है।
पूर्वांचल की राजनीति, विशेषकर बलिया क्षेत्र में उनके चले जाने से जो शून्यता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। अंतिम यात्रा के दौरान 20 किलोमीटर तक लगे भीषण जाम से क्षेत्र में सामान्य जनजीवन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, हालांकि प्रशासनिक मुस्तैदी से सुरक्षा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
श्रीरामपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परिवार और समर्थकों द्वारा आगामी धार्मिक संस्कारों और श्रद्धांजलि सभा की तैयारियां की जाएंगी। आने वाले दिनों में विभिन्न दलों के वरिष्ठ राजनेताओं का शोक व्यक्त करने के लिए उनके बलिया स्थित आवास पर पहुंचने की संभावना है। क्षेत्रीय राजनीति में उनके उत्तराधिकार और रसड़ा क्षेत्र के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी आने वाले समय में नजर रहेगी।
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