Deoband : मुख्यमंत्री को सांविधानिक शपथ और नैतिक जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए- महमूद मदनी
महमूद मदनी ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय व्यक्ति ईश्वर को साक्षी मानकर संविधान और कानून के अनुसार बिना किसी भेदभाव, भय या पक्षपात के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का वचन देता है। उन्होंने कहा कि इस
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को राज्यपाल और जनता के सामने ली गई सांविधानिक शपथ का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शपथ केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि अपने पद के प्रति कानूनी और नैतिक जवाबदेही की सार्वजनिक घोषणा है।
महमूद मदनी ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय व्यक्ति ईश्वर को साक्षी मानकर संविधान और कानून के अनुसार बिना किसी भेदभाव, भय या पक्षपात के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का वचन देता है। उन्होंने कहा कि इस शपथ के विरुद्ध आचरण करने वाले व्यक्ति को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मदनी ने सुवेंदु अधिकारी के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने केवल एक खास वर्ग के लिए काम करने की बात कही थी। मदनी के अनुसार, ऐसे बयान भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता किसी एक समूह की जागीर नहीं बल्कि पूरी जनता की अमानत है, जिसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोग शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के सबका साथ-सबका विकास के नारे का हवाला देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव की बात करना इस सिद्धांत के विरुद्ध है।
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