अंबेडकर के विचारों को ढाल बनाकर एयरपोर्ट से बाहर निकले सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

देश की राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बार फिर एक बेहद ही अनोखे और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक

Jun 6, 2026 - 12:07
 0  3
अंबेडकर के विचारों को ढाल बनाकर एयरपोर्ट से बाहर निकले सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
अंबेडकर के विचारों को ढाल बनाकर एयरपोर्ट से बाहर निकले सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
  • हाथ में बाबासाहेब की किताब और चेहरे पर मुस्कान, देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे सोशल मीडिया के सबसे चर्चित युवा नेता
  • जंतर-मंतर पर होने वाले महाआंदोलन से पहले बढ़ा सियासी पारा, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

देश की राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बार फिर एक बेहद ही अनोखे और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक ड्रामे का गवाह बना। सोशल मीडिया पर करोड़ों युवाओं के बीच अपनी पैठ बना चुकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के मुख्य संयोजक और संस्थापक अभिजीत दिपके जैसे ही संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा पूरी कर भारत लौटे, हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर पहले से ही भारी हलचल देखी जा रही थी। हाल ही में देश में नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक बड़े जमीनी आंदोलन की घोषणा करने के बाद से ही वे लगातार चर्चाओं में बने हुए थे। ऐसे में देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की नजरें भी उनके भारत आगमन पर पूरी तरह टिकी हुई थीं और हवाई अड्डे के बाहर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को एहतियातन तैनात किया गया था।

हवाई अड्डे के आगमन द्वार से बाहर निकलते समय अभिजीत दिपके ने एक ऐसा प्रतीकात्मक कदम उठाया जिसने वहां मौजूद सभी सुरक्षाकर्मियों और मीडिया कर्मियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वे जैसे ही सुरक्षा जांच पूरी कर बाहर आए, उनके एक हाथ में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की लिखी हुई एक प्रसिद्ध पुस्तक थी, जिसे उन्होंने ऊपर उठाकर वहां मौजूद लोगों को दिखाया। इस पूरे कदम को सत्ता पक्ष और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ एक बड़े और मूक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उनके समर्थकों का मानना है कि वे इसके जरिए यह संदेश देना चाहते थे कि उनका यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर देश के युवाओं के हक की लड़ाई लड़ने के लिए समर्पित है। आगमन द्वार के बाहर निकलते ही पहले से ही भारी संख्या में मौजूद युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूलों के हार और गगनभेदी नारों के साथ अपने नेता का स्वागत किया। हालांकि, कानून व्यवस्था और हवाई अड्डे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत एक सुरक्षा घेरा तैयार किया और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या भीड़ को बेकाबू होने से रोकने के लिए उन्हें सुरक्षित रूप से एक निजी वाहन तक पहुंचाया।

अभिजीत दिपके की भारत वापसी और दिल्ली आगमन का सीधा संबंध दिल्ली पुलिस द्वारा उनके प्रस्तावित आंदोलन को दी गई मंजूरी से है। इससे पहले तक यह माना जा रहा था कि दिल्ली पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था का हवाला देकर जंतर-मंतर पर होने वाले इस बड़े प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर सकता है। परंतु लंबी प्रशासनिक जद्दोजहद के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस ने कुछ कड़े नियमों और शर्तों के साथ इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के मिलने के बाद पहले से तय की गई उस रणनीति को पूरी तरह बदल दिया गया है जिसके तहत देश भर से आने वाले छात्रों को सबसे पहले संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर इकट्ठा होना था। अब सभी समर्थकों को सीधे जंतर-मंतर पर ही पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे आंदोलन की गूंज अब सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचने लगी है। कॉकरोच जनता पार्टी का यह जमीनी प्रदर्शन मुख्य रूप से देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक मामले पर केंद्रित है। पार्टी ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है और हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय भी कार्यकर्ताओं ने इसी मांग से जुड़े तख्तियां और बैनर हाथों में थाम रखे थे। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं की शुचिता को बहाल नहीं किया जाता और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

इस डिजिटल आंदोलन की शुरुआत और इसके इतने बड़े जमीनी रूप में बदलने की कहानी बेहद दिलचस्प है। कुछ समय पहले देश के एक शीर्ष न्यायाधीश द्वारा युवाओं को लेकर की गई एक तीखी टिप्पणी के विरोध में सोशल मीडिया पर एक छोटी सी मुहिम शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते एक विशाल युवा लहर का रूप धारण कर लिया। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे डिजिटल मंचों पर सक्रिय युवाओं ने इस मुहिम को 'कॉकरोच जनता पार्टी' का नाम दिया और बेरोजगारी तथा परीक्षा प्रणालियों में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया। अब जब यह संगठन सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर दिल्ली की सड़कों पर अपनी वास्तविक ताकत दिखाने जा रहा है, तो देश के बड़े-बड़े राजनेताओं और रणनीतिकारों की नजरें भी इस युवा शक्ति के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

Also Read- Balrampur: माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा: मुख्यमंत्री

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।