अंबेडकरनगर में वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं अपर्णा यादव, पीड़ित महिलाओं और बच्चों का जाना हाल, बांटी बेबी किट

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर और पोषण पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं।

By INA News Desk
Jul 8, 2026 - 22:49
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अंबेडकरनगर में वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं अपर्णा यादव, पीड़ित महिलाओं और बच्चों का जाना हाल, बांटी बेबी किट
अंबेडकरनगर में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का औचक निरीक्षण, पीड़ित महिलाओं की सुनीं समस्याएं, कुपोषित बच्चों को बांटी बेबी किट

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने अंबेडकरनगर जिले का दौरा कर जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रों में दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और वहां मौजूद पीड़ित महिलाओं और बच्चों के परिजनों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को जाना। जिला अस्पताल पहुंचने पर स्थानीय अधिकारियों और लोगों ने पौधा भेंट कर उपाध्यक्ष का स्वागत किया।

महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सबसे पहले वन स्टॉप सेंटर का रुख किया। वहां उन्होंने अस्थाई आश्रय में रह रही पीड़ित महिलाओं से आमने-सामने बैठकर बातचीत की। उन्होंने महिलाओं से उनकी समस्याओं को जाना और पूछा कि उन्हें केंद्र में भोजन, सुरक्षा और विधिक सहायता जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उपाध्यक्ष ने मौके पर उपस्थित जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि संकटग्रस्त और पीड़ित महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के अनुसार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावी मदद दी जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़ी हर एक समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया, जहां जांच के समय कुल 10 बच्चे भर्ती मिले। उपाध्यक्ष ने भर्ती बच्चों की माताओं और तीमारदारों से मिलकर उन्हें मिलने वाले भोजन और इलाज की जानकारी ली। उन्होंने अभिभावकों को समझाते हुए कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार देना बहुत जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि महंगे उत्पादों के पीछे भागने के बजाय घर में आसानी से उपलब्ध दाल, हरी साग-सब्जी, सत्तू, जौ और चने की रोटी जैसी पारंपरिक और पौष्टिक चीजों का बच्चों को नियमित सेवन कराएं, क्योंकि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने केंद्र के प्रभारियों को परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जब बच्चे अस्पताल से ठीक होकर घर लौट जाएं, तब भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता उनकी नियमित निगरानी करें ताकि वे दोबारा कुपोषण का शिकार न हों। इस दौरान जिले की जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने भी बच्चों के माता-पिता से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर द्वारा तय की गई 14 दिनों की पूरी उपचार अवधि तक बच्चों को केंद्र में ही रखें, ताकि उनका सही से इलाज और पोषण पूरा हो सके, बीच में ही बच्चे को घर न ले जाएं। निरीक्षण के अंत में उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने वार्ड में भर्ती सभी बच्चों को फल की टोकरियां और बेबी किट बांटीं तथा उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

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