Ghaziabad News: लखनऊ की तर्ज पर गाजियाबाद के RDC में बनेगी चटोरी गली, GDA ने तैयार की योजना
Ghaziabad RDC Redevelopment: गाजियाबाद के आरडीसी में लखनऊ की तर्ज पर चटोरी गली बनाई जाएगी। जीडीए नाले को ढककर सुंदर पाथवे और हरित पट्टी बनाएगा।
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) का कायाकल्प करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध 'चटोरी गली' कल्चर की तर्ज पर अब आरडीसी के फ्री व्हीकल जोन को एक आधुनिक और आकर्षक स्ट्रीट फूड हब के रूप में विकसित किया जाएगा। 5 अगस्त 2026 को सामने आई इस विकास योजना के तहत जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को तत्काल मौके का निरीक्षण करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत सर्वे रिपोर्ट सौंपने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को खरीदारी के साथ-साथ एक ही स्थान पर विविध प्रकार के लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित माहौल प्रदान करना है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहर गाजियाबाद के राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) को एक नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आरडीसी में मौजूद फ्री व्हीकल जोन का पुनर्विकास करने का खाका तैयार किया है। इस योजना के केंद्र में लखनऊ की बहुचर्चित 'चटोरी गली' की तर्ज पर एक समर्पित फूड स्ट्रीट विकसित करना है। इसके साथ ही, क्षेत्र में स्वच्छता और सुगम पैदल आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े नाले को पूरी तरह ढककर उस पर आधुनिक पाथवे और बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। जीडीए नेतृत्व ने इस परियोजना को प्राथमिकता पर रखते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से सात दिनों के अंदर सर्वे रिपोर्ट मांगी है।
आरडीसी गाजियाबाद का एक प्रमुख व्यावसायिक और मनोरंजन हब है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में युवा, परिवार और खरीदार पहुंचते हैं। वर्तमान में आरडीसी स्थित फ्री व्हीकल जोन में पैदल चलने वालों की सहूलियत के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर पुनर्विकास योजना तैयार करने के आदेश दिए हैं।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, आरडीसी परिसर में बहने वाले खुले नाले को आधुनिक तकनीकों से पूरी तरह कवर किया जाएगा। नाले के ऊपर चौड़ा और आकर्षक पाथवे (पैदल मार्ग) निर्मित होगा। इस पाथवे पर दोनों ओर हरित पट्टी (ग्रीन बेल) विकसित की जाएगी, आकर्षक और आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी तथा लोगों के विश्राम के लिए बेंच और बैठने की सुंदर व्यवस्था होगी। इसी पाथवे के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल और कियोस्क व्यवस्थित ढंग से लगाए जाएंगे, जिससे यह पूरा इलाका 'चटोरी गली' के रूप में पहचान बना सके।
जीडीए उपाध्यक्ष ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फ्री व्हीकल जोन को इस प्रकार डिजाइन किया जाए कि यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार के ट्रैफिक या प्रदूषण का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का मानना है कि इस परियोजना से गाजियाबाद को एक नया पर्यटन और खान-पान का केंद्र मिलेगा।
वहीं, आरडीसी के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने जीडीए के इस कदम का स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि फ्री व्हीकल जोन के व्यवस्थित होने और नई स्ट्रीट फूड गली बनने से यहां ग्राहकों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। दूसरी तरफ, स्थानीय निवासियों और स्ट्रीट फूड प्रेमियों ने भी खुशी जताते हुए कहा है कि लखनऊ की चटोरी गली जैसा अहसास अब अपने ही शहर में मिलना एक सुखद अनुभव होगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने से गाजियाबाद के शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आरडीसी में आने वाले खरीदारों और खान-पान के शौकीनों को वाहनों के शोर और जाम से मुक्त एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। खुले नाले के ढके जाने से न केवल इलाके में दुर्गंध और मच्छरों की समस्या समाप्त होगी, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी क्षेत्र अधिक स्वच्छ और सुंदर दिखेगा। इसके अतिरिक्त, व्यवस्थित तरीके से स्ट्रीट फूड वेंडर्स को जगह मिलने से स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे छोटे व्यवसायियों को लाभ पहुंचेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, तकनीकी टीम और सर्वे अधिकारी आगामी एक सप्ताह के भीतर आरडीसी क्षेत्र का गहन निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस सर्वे रिपोर्ट में नाले की ढकाई, पाथवे की चौड़ाई, हरित पट्टी का दायरा, बिजली और ड्रेनेज व्यवस्था के साथ-साथ बजट का विस्तृत ब्योरा शामिल होगा। रिपोर्ट मंजूर होने के बाद परियोजना के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राधिकरण की योजना है कि तय समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इस 'चटोरी गली' और री-डेवलप्ड फ्री व्हीकल जोन को आम जनता के लिए खोल दिया जाए।
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