मलिहाबाद में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिला 5 लाख का मुफ्त इलाज, योगी सरकार के फैसले से खुशी की लहर

लखनऊ के मलिहाबाद में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मुख्यमंत्री योजना के तहत 5 लाख रुपये के मुफ्त इलाज का प्रमाण पत्र मिला। एसडीएम की मौजूदगी में हुआ वितरण।

Jul 8, 2026 - 22:51
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मलिहाबाद में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिला 5 लाख का मुफ्त इलाज, योगी सरकार के फैसले से खुशी की लहर
मलिहाबाद में शिक्षामित्रों और रसोइयों को मिले पांच लाख रुपये के मुफ्त इलाज के प्रमाण पत्र, तहसील सभागार में अधिकारियों ने बांटे कार्ड

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के संविदा कर्मियों और सहायक स्टाफ के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत लखनऊ जिले के मलिहाबाद विकास खंड में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, सहायक अध्यापकों और स्कूलों के रसोइयों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की बड़ी सौगात मिली है। सरकार के इस कदम से शिक्षा विभाग के इन कर्मचारियों में भारी खुशी देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व की सरकारों ने उन्हें केवल झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं दिया, जिसके कारण वे बेहद दयनीय आर्थिक स्थिति में भी अपनी ड्यूटी करते रहे। अब वर्तमान सरकार ने उनके मानदेय और स्वास्थ्य दोनों की चिंता की है, जो बेहद सराहनीय कदम है।

इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर मलिहाबाद तहसील सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के मलिहाबाद ब्लॉक अध्यक्ष बचनेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रदेश भर के शिक्षा कर्मियों से संवाद किया। इस सजीव प्रसारण को सुनने और अपने स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त करने के लिए ब्लॉक के कई शिक्षामित्र और अनुदेशक तहसील सभागार पहुंचे थे। इनमें विनोद सिंह, सत्येंद्र यादव, कृष्ण कुमार, राजेंद्र कुमार, अर्जुन प्रसाद, तोता राम, विजय गुप्ता, राकेश कुमार अर्कवंशी, सबनम जहां, कन्या कुमारी, रुचि त्रिवेदी और कंचन यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।

तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अंकित कुमार मौर्य और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सभी पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का आधिकारिक प्रमाण पत्र और कार्ड सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र और अनुदेशक भी विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की तरह ही कठिन परिश्रम करते हैं, इसलिए सरकार उनके इस योगदान की सराहना करती है। आने वाले समय में उनकी मेहनत और समर्पण का उचित फल उन्हें अवश्य दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष बचनेश कुमार ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पूरा शिक्षामित्र समाज इस व्यवस्था के लिए आभारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि आने वाले समय में उन्हें नियमित शिक्षकों के समान दर्जा और समान वेतन भी दिया जाए।

इस सफल आयोजन के बाद प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने मलिहाबाद विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पदम शेखर मौर्य को विशेष रूप से सम्मानित किया। शिक्षामित्रों ने खंड शिक्षा अधिकारी को फूल-मालाएं पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकारी हमेशा अपने स्टाफ के भविष्य को सुरक्षित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास करते रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहे हैं। इस अवसर पर उपस्थित समस्त स्टाफ ने भविष्य में भी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने और बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया।

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