Sitapur: सावन के तीसरे सोमवार को देवदेवेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, कीचड़ भरे रास्ते ने श्रद्धालुओं की बढ़ाई मुश्किलें
सावन के तीसरे एवं बड़े सोमवार पर प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य और बाबा देवदेवेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा
नैमिषारण्य/सीतापुर। सावन के तीसरे एवं बड़े सोमवार पर प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य और बाबा देवदेवेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिया भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुंचेगे। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा तीर्थ क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
लेकिन श्रद्धा और भक्ति के इस माहौल के बीच सीतापुर-हरदोई मार्ग पर फैली गंदगी और कीचड़ श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन गई। नैमिषारण्य एवं देवदेवेश्वर धाम की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर, विशेषकर बाजार के आसपास, सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ बहता नजर आया। इस कीचड़ से सने मार्ग से कांवरियों और श्रद्धालुओं को गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसी मार्ग से होकर कांवरिया एवं श्रद्धालु नैमिषारण्य के राजघाट और देवदेवेश्वर धाम स्थित सेतुबंधु रामेश्वरम घाट से कांवड़ में जल भरते हैं और इसके बाद गोला गोकर्णनाथ, कैलाश नाथ, भूतेश्वर नाथ सहित विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति व्यवस्था और साफ-सफाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सावन मास के दो सोमवार व्यतीत होने के बावजूद नहीं हो सकी सफाई व्यवस्था। जिसके फलस्वरूप इस सोमवार को भी श्रद्धालु ओर कांवरिया गंदे पानी से होकर निकालने को हैं मजबूर।
सावन के पवित्र सोमवार पर हजारों श्रद्धालु पैदल और कांवर लेकर इस मार्ग से गुजरते रहे। कीचड़ और फिसलन के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर पैदल चल रहे कांवरियों के लिए यह स्थिति किसी परीक्षा से कम नहीं रही। एक ओर श्रद्धालु नंगे पैर भगवान शिव की भक्ति में आगे बढ़ रहे थे, तो दूसरी ओर उन्हें गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा।
श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन मेले के दौरान नैमिषारण्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवरियों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई, जल निकासी और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है यह मार्ग, प्रशासन से अपेक्षा है कि तत्काल हो सके सफाई
अब स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने सबसे बड़ी जरूरत सीतापुर-हरदोई मार्ग पर जमा गंदे पानी और कीचड़ की तत्काल सफाई कराने की है। साथ ही जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए, ताकि लगातार हो रही बारिश के बाद सड़क पर दोबारा गंदा पानी और कीचड़ जमा न हो।
सावन के इस पवित्र पर्व पर देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धा लेकर नैमिषारण्य पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा और सम्मान को देखते हुए प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को सीतापुर-हरदोई मार्ग की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। आस्था के मार्ग पर कीचड़ नहीं, श्रद्धालुओं के लिए सुगम और स्वच्छ रास्ता होना चाहिए।
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