Sambhal: बुर्के में कांवड़ यात्रा पर बवाल- SDM के नोटिस के बाद अमन त्यागी बोले- संविधान ने पहनावे की आज़ादी दी है
बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा को लेकर एक बार फिर सम्भल में विवाद गहरा गया है। प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा को लेकर एक बार फिर सम्भल में विवाद गहरा गया है। प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद अमन त्यागी मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नोटिस का जवाब सौंपा। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अपनी पसंद के वस्त्र पहनने का अधिकार देता है और किसी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।
अमन त्यागी ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था, जिसके संबंध में जवाब देने वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी तमन्ना मलिक सनातन धर्म का पालन करती हैं, भगवान शिव में आस्था रखती हैं और हरिद्वार जाकर कांवड़ लाना चाहती हैं। ऐसे में उनके पहनावे को लेकर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें ₹20,000 के मुचलके की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। मुचलके में यह आशंका जताई गई है कि बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। अमन त्यागी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रशासन को सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। अमन त्यागी ने इस दौरान सांसद पप्पू यादव का नाम लेते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोगों द्वारा सनातन और भगवा का विरोध करने पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि महादेव की नगरी हरिद्वार जाने वाले लोगों पर नोटिस जारी कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि तमन्ना मलिक जिस भी वेशभूषा में जाना चाहेंगी, वे उनका समर्थन करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हरिद्वार में अनीशा बानो नाम की एक मुस्लिम महिला भी बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा कर रही हैं और वे उनका समर्थन करने के लिए हरिद्वार जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है, जबकि बुर्के में कांवड़ यात्रा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
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