मुंबई में ठाकरे वर्चस्व का अंत- बीजेपी-शिवसेना महायुति ने बीएमसी पर कब्जा जमाया, 118 सीटों के साथ पहली बार महापौर बनने की ओर

राज्य स्तर पर महायुति ने 29 महानगरपालिकाओं के कुल 2,869 वार्डों में से 1,425 सीटें जीतीं। बीजेपी ने सबसे अधिक सीटें प्राप्त कीं जबकि शिवसेना (शिंदे) ने भी महत्वपूर्ण योगदा

Jan 18, 2026 - 22:50
 0  15
मुंबई में ठाकरे वर्चस्व का अंत- बीजेपी-शिवसेना महायुति ने बीएमसी पर कब्जा जमाया, 118 सीटों के साथ पहली बार महापौर बनने की ओर
मुंबई में ठाकरे वर्चस्व का अंत- बीजेपी-शिवसेना महायुति ने बीएमसी पर कब्जा जमाया, 118 सीटों के साथ पहली बार महापौर बनने की ओर

महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न महानगरपालिका चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। 29 महानगरपालिकाओं में हुए चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने व्यापक जीत हासिल की है। खासकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में यह जीत ऐतिहासिक रही जहां लगभग तीन दशकों से चला आ रहा शिवसेना का वर्चस्व समाप्त हो गया। बीजेपी पहली बार बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और गठबंधन के साथ बहुमत हासिल किया।

बीएमसी में कुल 227 वार्डों के लिए चुनाव हुए। महायुति गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा 114 पार कर लिया। इसमें बीजेपी ने 89 सीटें हासिल कीं जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। बीजेपी ने 45.39 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त किया और अपना स्ट्राइक रेट 66 प्रतिशत दर्ज किया। यह पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि इससे पहले 2017 में उसने 227 सीटों पर चुनाव लड़कर 82 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार कम सीटों पर चुनाव लड़ते हुए ज्यादा सीटें हासिल कीं।

इस जीत के साथ बीजेपी मुंबई में पहली बार महापौर पद पर अपना दावा पेश करेगी। महायुति के पास स्पष्ट बहुमत होने से महापौर का चुनाव गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में होगा। बीएमसी देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है जिसका बजट 74,427 करोड़ रुपये से अधिक है। इस जीत ने ठाकरे परिवार के लंबे समय से चले आ रहे नियंत्रण को समाप्त कर दिया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं जो पार्टी के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा क्योंकि पार्टी में पहले हुई टूट और कई नगरसेवकों के शिंदे गुट में जाने के बावजूद यह संख्या हासिल हुई।

राज्य स्तर पर महायुति ने 29 महानगरपालिकाओं के कुल 2,869 वार्डों में से 1,425 सीटें जीतीं। बीजेपी ने सबसे अधिक सीटें प्राप्त कीं जबकि शिवसेना (शिंदे) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। महायुति ने 25 महानगरपालिकाओं में बहुमत हासिल किया। अन्य प्रमुख महानगरपालिकाओं में पुणे, नागपुर, ठाणे, नवी मुंबई और अन्य शहरों में भी गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन राज्य स्तर पर उसका प्रभाव सीमित रहा। पार्टी को कुल 155 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 324 सीटें जीतीं जबकि अन्य दलों जैसे एनसीपी (अजित पवार) और अन्य ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज की। चुनावों में मतदान प्रतिशत 54.77 प्रतिशत रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा और असम के दौरे के दौरान इस जीत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नतीजे लोगों के विकास और अच्छे शासन पर भरोसे को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री ने बीजेपी की मुंबई और महाराष्ट्र में जीत को पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में पार्टी की बढ़ती ताकत से जोड़ा। उन्होंने बताया कि बीजेपी अब ऐसे स्थानों पर भी जीत रही है जहां पहले संभव नहीं माना जाता था।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ा और जनता ने इसका समर्थन किया। फडणवीस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और पार्टी की नीतियों का परिणाम है।

एकनाथ शिंदे ने भी इस जीत पर प्रसन्नता जताई और कहा कि महायुति की यह सफलता राज्य सरकार के विकास कार्यों का प्रमाण है। गठबंधन की मजबूती से कई महानगरपालिकाओं में स्थिर प्रशासन सुनिश्चित होगा। यह चुनाव महाराष्ट्र में राजनीतिक बदलाव का संकेत देते हैं। बीजेपी ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत की है। मुंबई में पहली बार बीजेपी का महापौर बनना शहर की राजनीति में नया अध्याय जोड़ेगा। शिवसेना (यूबीटी) के लिए यह चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन पार्टी ने अपने आधार को बनाए रखा।

Also Click : 1 घंटे 50 मिनट की हॉरर-मिस्ट्री फिल्म 'निकिता रॉय' ओटीटी पर नंबर 1 ट्रेंडिंग, सोनाक्षी सिन्हा की दमदार परफॉर्मेंस से भरपूर सस्पेंस

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow