AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रेड डील को लेकर बीजेपी और RSS पर निशाना साधा
मोदी ने चीन के लिए लाल कालीन बिछाया और निवेश के लिए आमंत्रित किया। ओवैसी ने 2020 के लद्दाख गतिरोध का जिक्र किया, जहां पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने प्रधान
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने तेलंगाना के विभिन्न स्थानों पर दिए बयानों में मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, किसानों के उत्पादन और 550 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर सवाल उठाए हैं। ओवैसी ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस से तेल न खरीदने और वेनेजुएला से खरीदने के निर्देश दिए, जिस पर मोदी ने सहमति जताई। यह बयान 6 और 7 फरवरी 2026 को दिए गए। अब इस पूरी घटना के तथ्यों को विस्तार से समझते हैं।
ओवैसी का भाजपा-आरएसएस पर हमला, ट्रेड डील पर उठाए गंभीर सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने 7 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा और आरएसएस से आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के बारे में सरकार की स्थिति पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना शुरू की थी, जिसमें सार्वजनिक धन के लाखों करोड़ रुपये का उपयोग घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया। अब सरकार अमेरिका के साथ समझौता कर रही है कि शुल्क कम किए जाएंगे। इससे अमेरिकी औद्योगिक सामान यहां आएंगे, तब पीएलआई में शामिल क्षेत्रों का क्या होगा। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से कहा है कि हम 550 बिलियन डॉलर का व्यापार करेंगे।
अगर ऐसा कर रहे हैं, तो बताएं कि किसानों के उत्पादन का क्या होगा। यहां कृषि बाजार का क्या होगा। यह बयान AIMIM की ओर से जारी किया गया। ओवैसी का यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संदर्भ में आया, जहां शुल्क कम करने और व्यापार बढ़ाने की बात है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के दावों पर यह समझौता प्रभाव डालेगा। ओवैसी ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का जिक्र किया, जो घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए है।
अब शुल्क कम होने से विदेशी सामान के आने से घरेलू क्षेत्र प्रभावित होंगे। उन्होंने 550 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर सवाल किया कि इससे किसानों और कृषि बाजार पर क्या असर पड़ेगा। यह सभा करीमनगर में हुई, जहां ओवैसी ने इन मुद्दों को उठाया। बयान में उन्होंने भाजपा और आरएसएस से सीधा सवाल किया। ओवैसी का यह बयान हाल के भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में आया है। असदुद्दीन ओवैसी ने 7 फरवरी 2026 को करीमनगर में कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पर सरकार क्या कहती है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना में लाखों करोड़ रुपये लगाए गए। अब अमेरिका के साथ शुल्क कम करने पर सहमति से अमेरिकी सामान आएंगे, पीएलआई क्षेत्रों का क्या होगा।
मेक इन इंडिया और किसानों पर ओवैसी की चिंता, मोदी-ट्रंप डील पर सवाल
ओवैसी ने अपने बयान में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना लागू की, जिसमें सार्वजनिक धन का बड़ा हिस्सा लगाया गया। अब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में शुल्क कम करने पर सहमति दी जा रही है। इससे अमेरिकी औद्योगिक सामान भारत में आएंगे, जिससे घरेलू उत्पादन प्रभावित होगा। ओवैसी ने कहा कि पीएलआई योजना के पिछड़े क्षेत्रों का क्या होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्रंप से 550 बिलियन डॉलर के व्यापार करने के बयान पर सवाल किया। अगर इतना बड़ा व्यापार हो रहा है, तो किसानों के उत्पादन का क्या होगा।
कृषि बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह बयान 7 फरवरी 2026 को दिया गया। ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस से इन मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि शुल्क कम होने से विदेशी सामान के आने से घरेलू उत्पादकों को नुकसान होगा। ओवैसी का यह बयान व्यापार समझौते के प्रभाव पर केंद्रित था। उन्होंने किसानों के उत्पादन और कृषि बाजार की चिंता जताई। बयान में उन्होंने सार्वजनिक धन के उपयोग का जिक्र किया जो घरेलू क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया। अब समझौते से यह प्रयास प्रभावित होंगे। ओवैसी ने 550 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को किसानों से जोड़ा। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से 550 बिलियन डॉलर का व्यापार करने की बात कही। अगर ऐसा हो रहा है, तो किसानों के उत्पादन का क्या होगा। कृषि बाजार का क्या होगा।
ट्रंप के निर्देश पर ओवैसी का दावा, तेल खरीद पर मोदी की सहमति का आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने 6 फरवरी 2026 को तेलंगाना के भैंसा में एक रैली में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भाजपा और आरएसएस की आलोचना की। उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर चिंता जताई। ओवैसी ने दावा किया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस से तेल न खरीदने और वेनेजुएला से खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोदी ने इस निर्देश पर सहमति जताई। ओवैसी ने कहा कि ट्रंप हमें बताते हैं कि भारत किससे तेल खरीदेगा। ट्रंप ने मोदी से कहा कि रूस से तेल न खरीदें बल्कि वेनेजुएला से खरीदें। मोदी ने कहा, हां सर। यह बयान भैंसा की रैली में दिया गया। ओवैसी ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाया, खासकर चीन के पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करने के संदर्भ में। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को 80 प्रतिशत हथियार भेजे।
मोदी ने चीन के लिए लाल कालीन बिछाया और निवेश के लिए आमंत्रित किया। ओवैसी ने 2020 के लद्दाख गतिरोध का जिक्र किया, जहां पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने प्रधानमंत्री से निर्देश मांगे, तो प्रधानमंत्री ने कहा कि जो उचित है वही करें। ओवैसी ने कहा कि उन्हें कहना चाहिए था कि उन्हें पीछे धकेलो। यह बयान व्यापार समझौते पर भारत की स्वायत्तता से जुड़ा था। ओवैसी ने ट्रंप के निर्देश पर मोदी की सहमति को रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल के रूप में पेश किया। रैली में उन्होंने भाजपा और आरएसएस की आलोचना की। यह बयान 6 फरवरी 2026 का है। ओवैसी ने चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में भारत की नीति पर भी सवाल उठाया।
ओवैसी ने 6 फरवरी 2026 को भैंसा में कहा कि ट्रंप ने मोदी को रूस से तेल न खरीदने और वेनेजुएला से खरीदने के निर्देश दिए। मोदी ने सहमति जताई। ओवैसी ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को 80 प्रतिशत हथियार भेजे। मोदी ने चीन के लिए लाल कालीन बिछाया और निवेश आमंत्रित किया। ओवैसी ने 2020 लद्दाख गतिरोध पर कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने निर्देश मांगे, प्रधानमंत्री ने कहा जो उचित है वही करें। ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना की, भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर चिंता जताई। यह पूरी घटना दिखाती है कि ओवैसी ने दो दिनों में दिए बयानों में व्यापार समझौते, तेल खरीद, मेक इन इंडिया, किसानों और विदेश नीति पर सवाल उठाए। उनके बयान तेलंगाना की सभाओं में दिए गए।
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