पहलगाम शहीदों को श्रद्धांजलि: मथुरा में देवकीनंदन ठाकुर के कार्यक्रम में ऐशान्या द्विवेदी और द ग्रेट खली पहुंचे, सनातन धर्म की एकता पर जोर।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवारों को
- शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ने मथुरा में उठाई आवाज: सनातनियों को एकजुट होने का समय, पहलगाम नरसंहार दोबारा न हो
- देवकीनंदन ठाकुर ने पहलगाम हमले के शहीदों को दी श्रद्धांजलि: ऐशान्या द्विवेदी ने कहा धर्म की रक्षा खुद करनी होगी
उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवारों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 18 जनवरी 2026 को आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पहलगाम हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी और रेसलिंग के प्रसिद्ध खिलाड़ी द ग्रेट खली भी मौजूद रहे।
पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बैसारन घाटी के पास हुआ था। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमलावरों ने पर्यटकों से धर्म पूछा और हिंदू होने पर निशाना बनाया। कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी इस हमले में सबसे पहले शहीद हुए। शुभम 31 वर्षीय कारोबारी थे और फरवरी 2025 में ही उनकी शादी ऐशान्या से हुई थी। दंपति हनीमून के लिए कश्मीर गए थे। आतंकवादियों ने शुभम से हिंदू होने की पुष्टि कर सिर में गोली मार दी। ऐशान्या ने घटना का बयान देते हुए कहा कि वे मजाक समझे थे लेकिन सब कुछ सेकंडों में खत्म हो गया।
हमले के बाद ऐशान्या ने कई बार सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि शुभम ने हिंदू होने की पहचान बताकर कई लोगों की जान बचाई। ऐशान्या ने हमले के दौरान सुरक्षा की कमी पर भी सवाल उठाए। बाद में भारत ने ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम उठाए जिसमें हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादियों को खत्म किया गया। एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और ट्रेजिस्टेंस फ्रंट को जिम्मेदार ठहराया।
मथुरा के इस कार्यक्रम में ऐशान्या द्विवेदी ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के विरोध में लोग खड़े हो रहे हैं। अब समय आ गया है कि सभी सनातनी एकजुट हों। उन्होंने जोर दिया कि धर्म की रक्षा खुद करनी होगी। ऐशान्या ने पहलगाम में हुए नरसंहार को दोबारा न होने देने की अपील की। उन्होंने कश्मीर की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि अगर वहां हिंदू बहुमत में होते तो 26 लोग नहीं मारे जाते और उनका पति गोली नहीं खाता। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई तो देश की स्थिति खराब हो सकती है।
देवकीनंदन ठाकुर ने कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा और एकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में द ग्रेट खली की मौजूदगी ने इसे और महत्वपूर्ण बना दिया। खली ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना जताई। कार्यक्रम का उद्देश्य शहीदों की याद को जिंदा रखना और उनके परिवारों को सम्मान देना था।
पहलगाम हमले के बाद देशव्यापी आक्रोश फैला। पीएम मोदी ने विदेश यात्रा छोटी की और हमले की निंदा की। गृह मंत्री अमित शाह ने हमले वाली जगह का दौरा किया। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। वृंदावन और मथुरा में भी मंदिरों के आसपास मार्च निकाले गए। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया और आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की।
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