Hapur: हापुड़ कांग्रेस में बगावत का तड़का- UGC विरोध पर दो पदाधिकारी पदमुक्त, पलटवार तेज।
हापुड़ में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी की संयुक्त प्रेस वार्ता ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विक्की
हापुड़: हापुड़ में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी की संयुक्त प्रेस वार्ता ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विक्की शर्मा और कोषाध्यक्ष भरत लाल शर्मा को पदमुक्त किए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। शहर अध्यक्ष इरफान कुरैशी और जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में यूजीसी बिल के विरोध में कोई प्रदर्शन किया गया तो संबंधित पदाधिकारी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया जाएगा।
मामला यहीं शांत नहीं हुआ। पदमुक्त किए गए विक्की शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरे देश में स्वर्ण समाज यूजीसी के मुद्दे पर आंदोलनरत है। “हमने अपने समाज की आवाज उठाई, तो हमें सजा दे दी गई,” उन्होंने आरोप लगाया। भरत लाल शर्मा ने भी कहा कि उनकी आवाज पार्टी नेतृत्व को नागवार गुजरी, इसलिए आनन-फानन में कार्रवाई कर दी गई।
विक्की शर्मा ने सवाल उठाया कि हाल ही में लखनऊ में यूजीसी के खिलाफ हुए प्रदर्शन में ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी शामिल हुए थे। “क्या अब प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को भी पार्टी से बाहर किया जाएगा?” उन्होंने तीखा प्रश्न दागा।
पदमुक्त नेताओं का आरोप है कि जिला अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र में यूजीसी कानून के समर्थन की मानसिकता झलकती है, जिसकी प्रति भी सार्वजनिक की गई है। इसी से नाराज होकर दोनों अध्यक्षों ने प्रेस वार्ता कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब विक्की और भरत लाल ने आरोप लगाया कि शहर अध्यक्ष पहले दूसरे दल से जुड़े रहे और अब 25 साल पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। “जिन लोगों ने कांग्रेस को खून-पसीने से सींचा, आज वही अपमानित हो रहे हैं,” उन्होंने कहा।
इस घटनाक्रम से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि यदि दोनों पदाधिकारियों की वापसी नहीं हुई तो कई और नेता इस्तीफा दे सकते हैं। दोनों ने अपनी शिकायत हाईकमान को भेज दी है और रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस सियासी बवाल पर क्या रुख अपनाता है।
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