Lucknow: राजकीय अध्यापकों के पारदर्शी एवं समयबद्ध स्थानांतरण पर जोर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को दिए निर्देश
प्रोजेक्ट अलंकार सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा, अपर मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
- विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता देने के निर्देश
- प्रोजेक्ट अलंकार के कार्यों में तेजी लाने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल
लखनऊ: प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर विभागीय योजनाओं, शैक्षिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना विकास कार्यों तथा राजकीय अध्यापकों के स्थानांतरण संबंधी कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
बैठक में राजकीय अध्यापकों के स्थानांतरण प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्थानांतरण की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नीतियों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र शिक्षकों के मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए। किसी भी स्तर पर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट अलंकार की विशेष रूप से समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों में विकसित की जा रही स्मार्ट कक्षाओं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों, विद्युत सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को आधुनिक एवं तकनीक-संपन्न शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।
समीक्षा बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं, स्पिल-ओवर कार्यों की प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं, वित्तीय व्यय एवं लंबित भुगतान संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए तथा उपलब्ध कराए गए बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का महत्वपूर्ण आधार है।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित शैक्षिक कार्यक्रमों, बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित तैयारियों, विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों तथा नवाचार आधारित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला स्तर पर निरंतर निगरानी एवं मूल्यांकन की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने अधिकारियों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, शैक्षिक गुणवत्ता की समीक्षा तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। साथ ही जनपद स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान विभिन्न मंडलों एवं जनपदों से प्राप्त प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा शिक्षा विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में विभागीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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