52 की उम्र में भी अकेले जिंदगी गुजार रहीं कोरियोग्राफर गीता कपूर, शादी को लेकर हो रहे चौतरफा सवालों पर तोड़ी चुप्पी
भारतीय मनोरंजन जगत और विशेष रूप से डांस रियलिटी शोज की दुनिया में अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बनाने
- पारिवारिक जिम्मेदारियों और मां की लंबी बीमारी के चलते पीछे छूटा वैवाहिक जीवन, 'गीता मां' ने बयां किया अपना दर्द
- बिना शादी के मातृत्व का सुख देने वाले शो और प्रतियोगियों के प्रति जताया आभार, अकेलेपन को लेकर साझा किए बेहद निजी विचार
भारतीय मनोरंजन जगत और विशेष रूप से डांस रियलिटी शोज की दुनिया में अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बनाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर वर्तमान समय में 52 वर्ष की आयु पार करने के बाद भी एक एकाकी और कुंवारी जिंदगी व्यतीत कर रही हैं। मनोरंजन उद्योग की चकाचौंध के बीच अक्सर मशहूर हस्तियों के निजी जीवन को लेकर आम जनता और मीडिया के गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहते हैं। इसी कड़ी में गीता कपूर से भी हर सार्वजनिक मंच, प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू के दौरान उनकी शादी को लेकर लगातार तीखे और व्यक्तिगत सवाल पूछे जाते रहे हैं। लंबे समय तक इन सवालों पर मौन साधे रहने के बाद, अब उन्होंने एक हालिया पोडकास्ट और साक्षात्कार के दौरान अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर बेहद खुलकर और संजीदगी से अपनी बात रखी है। उन्होंने उन वास्तविक और व्यावहारिक कारणों को विस्तार से साझा किया है जिनकी वजह से वे अपने जीवन में आज तक शादी के बंधन में नहीं बंध सकीं।
अपने जीवन के उस कठिन और संघर्षपूर्ण दौर को याद करते हुए प्रसिद्ध नृत्य निर्देशिका ने बताया कि उनका वैवाहिक जीवन किसी व्यक्तिगत अरुचि के कारण पीछे नहीं छूटा, बल्कि इसके पीछे कुछ बेहद गंभीर पारिवारिक परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। उनके जीवन का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा उनकी पूजनीय माता जी की देखरेख और उनकी गंभीर बीमारी के इलाज में व्यतीत हुआ। एक समय ऐसा आया जब उनकी मां अत्यधिक अस्वस्थ रहने लगीं और उन्हें चौबीसों घंटे निरंतर चिकित्सीय सहायता और पारिवारिक संबल की आवश्यकता थी। ऐसी स्थिति में एक समर्पित बेटी होने के नाते उन्होंने अपनी मां की सेवा को अपने जीवन का एकमात्र और सर्वोपरि लक्ष्य बना लिया। उन्होंने अपने करियर की व्यस्तताओं के साथ-साथ मां के इलाज की पूरी जिम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर उठा रखी थी, जिसके कारण उनके पास अपने निजी जीवन या किसी वैवाहिक रिश्ते के बारे में सोचने के लिए न तो मानसिक शांति बची थी और न ही समय।
पारिवारिक मोर्चे पर उनके द्वारा निभाए गए इस लंबे संघर्ष के कारण समय इतनी तेजी से आगे बढ़ गया कि जब तक उनकी माता जी का निधन हुआ और स्थितियां कुछ सामान्य हुईं, तब तक वे जीवन के उस पड़ाव पर पहुंच चुकी थीं जहां शादी की पारंपरिक उम्र पीछे छूट चुकी थी। उन्होंने बेहद ईमानदारी से यह स्वीकार किया कि ऐसा नहीं है कि उनके जीवन में कभी प्यार ने दस्तक नहीं दी या उन्हें कभी किसी जीवनसाथी की कमी महसूस नहीं हुई। अतीत में कुछ मौकों पर उनके जीवन में कुछ विशेष लोग आए भी और उन्होंने एक स्थायी रिश्ते की शुरुआत करने का प्रयास भी किया, लेकिन दुर्भाग्य से वे संबंध किसी तार्किक परिणति या विवाह के मंडप तक नहीं पहुंच सके। समय के साथ उन रिश्तों के टूटने और मां के चले जाने के बाद वे पूरी तरह से अपने काम और नृत्य की दुनिया में रम गईं, जिससे उनका एकाकीपन ही उनकी ताकत बन गया। मनोरंजन जगत में गीता कपूर को सम्मान और आदर के साथ 'गीता मां' कहकर पुकारा जाता है। उन्होंने भावुक होते हुए साझा किया कि भले ही वे स्वयं कभी शादी के बंधन में नहीं बंध पाईं और न ही उन्होंने किसी बच्चे को जन्म दिया, लेकिन देश भर के उभरते हुए डांसरों और रियलिटी शोज के प्रतियोगियों ने उन्हें जो मां का दर्जा दिया है, उसने उनके जीवन के उस खालीपन को पूरी तरह से भर दिया है जिसे एक महिला मातृत्व के रूप में महसूस करना चाहती है।
अपनी उम्र के इस विशेष पड़ाव पर अकेले रहने और भविष्य में किसी साथी की आवश्यकता से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने बेहद दार्शनिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के इस मोड़ पर आकर अब वे किसी सामाजिक दबाव या केवल अकेलेपन से बचने के लिए शादी करने के विचार के पूरी तरह से खिलाफ हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ एक ऐसे हमसफर की जरूरत हमेशा महसूस होती है जो सुख-दुख में आपके साथ खड़ा रह सके और जिससे आप अपने मन की बातें साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें कोई ऐसा परिपक्व इंसान मिलता है जो उनके अतीत, उनके काम और उनकी स्वतंत्रता का सम्मान कर सके, तो वे एक साथी के रूप में उसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए आज भी पूरी तरह से तैयार हैं, चाहे वह रिश्ता शादी का हो या केवल एक मजबूत कूटनीतिक दोस्ती का।
मनोरंजन उद्योग के भीतर काम करने के दौरान उनके नाम को लेकर समय-समय पर उड़ने वाली विभिन्न अफवाहों और विवादों पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है। कुछ समय पूर्व सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें बेहद तेजी से वायरल हुई थीं जिनमें वे मांग में सिंदूर लगाए हुए पारंपरिक परिधान में नजर आ रही थीं, जिसके बाद इंटरनेट पर यह अफवाह फैल गई थी कि उन्होंने गुपचुप तरीके से विवाह कर लिया है। इन खबरों का पूरी तरह खंडन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तस्वीरें केवल एक विशेष टेलीविजन शो के एक विशेष एपिसोड की शूटिंग का हिस्सा थीं, जहां उन्हें एक पारंपरिक भारतीय नारी के रूप में तैयार होना था। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे इस तरह की भ्रामक और बिना पुष्टि वाली खबरों पर विश्वास न करें, क्योंकि जब भी वे अपने जीवन में इतना बड़ा निर्णय लेंगी, तो उसे पूरे सम्मान के साथ दुनिया के सामने साझा करेंगी।
इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक समाज में महिलाओं की शादी और उनकी उम्र को लेकर बनी संकुचित सामाजिक रूढ़ियों पर भी तीखे प्रहार किए हैं। उनका मानना है कि हमारे समाज में आज भी एक कामकाजी और आत्मनिर्भर महिला की सफलता का आकलन इस बात से किया जाता है कि उसने सही उम्र में शादी की या नहीं या वह मां बनी या नहीं। उन्होंने इस विचार को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी महिला के जीवन की पूर्णता केवल एक पत्नी या मां बनने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। एक महिला अपने दम पर अपने पैरों पर खड़ी होकर, अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा बनकर और समाज में अपनी मेहनत से एक मुकाम हासिल करके भी एक अत्यंत सफल और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर सकती है, और उनका अपना जीवन इसी बात का एक जीवंत उदाहरण है।
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