Varanasi : बाबा विश्वनाथ मंदिर से वाराणसी में डिजिटल जनगणना की शुरुआत, घरों की सूची बनाने मैदान में उतरे प्रगणक
इस बार की जनगणना को पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। इसके तहत पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के जरिए पूरी की जा रही है, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रगणक एक खास मोबाइल ऐप के जरिए मकान और संपत्तियों से जुड़े तैंतीस जरूरी सवालों
वाराणसी में देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों की सूची बनाने और उनकी गिनती का काम शुरू हो गया है। काशी में इस अभियान की शुरुआत सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा की देखरेख में बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर से की गई। अब तय किए गए प्रगणक शहर के हर एक घर तक पहुंचकर मकानों से जुड़ा पूरा ब्यौरा इकट्ठा करेंगे।
इस बार की जनगणना को पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। इसके तहत पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के जरिए पूरी की जा रही है, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रगणक एक खास मोबाइल ऐप के जरिए मकान और संपत्तियों से जुड़े तैंतीस जरूरी सवालों के जवाब डिजिटल रूप में दर्ज कर रहे हैं। इस काम के लिए पूरे जिले को चौदह हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें तहसीलें, नगर निगम के आठ जोन, नगर पंचायत, कैंटोनमेंट बोर्ड और बरेका जैसे खास इलाके शामिल हैं। यह बड़ा अभियान जून के तीसरे सप्ताह तक चलेगा, जिसके तहत वाराणसी के हर एक घर को सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि जिले की चालीस लाख से ज्यादा की आबादी की सही गिनती के लिए पांच हजार आठ सौ प्रगणकों को अच्छे से प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। सभी कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को अपने-अपने तय इलाकों में पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। काम में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए सभी को पहचान पत्र, जरूरी किट और अपने इलाके के नक्शे दिए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि जब भी ये कर्मचारी उनके घर आएं, तो उन्हें बिल्कुल सही जानकारी दें और इस जरूरी काम को पूरा कराने में अपना सहयोग दें।
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