Lakhimpur- Kheri : चुनाव के टेंट भुगतान का पच्चीस साल पुराना विवाद गरमाया, कोर्ट के हुक्म के बाद भी नहीं मिली राशि, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

बकाया पैसा न मिलने के कारण साल दो हजार चार में सिविल जज की अदालत में रकम वसूली का एक मामला दर्ज कराया गया था। अदालत ने साल दो हजार सोलह में कारोबारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मूल पैसे के साथ छह फीसदी सालाना ब्याज देने का आदेश जारी कि

By INA News Desk
May 22, 2026 - 23:37
58 Views
Lakhimpur- Kheri : चुनाव के टेंट भुगतान का पच्चीस साल पुराना विवाद गरमाया, कोर्ट के हुक्म के बाद भी नहीं मिली राशि, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
Lakhimpur- Kheri : चुनाव के टेंट भुगतान का पच्चीस साल पुराना विवाद गरमाया, कोर्ट के हुक्म के बाद भी नहीं मिली राशि, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

लखीमपुर खीरी में पंचायत सामान्य चुनाव के दौरान टेंट, बैरिकेडिंग, फर्नीचर, बिजली और पीने के पानी का इंतजाम करने वाले पंजाब टेंट हाउस को सालों बाद भी उसका पैसा नहीं मिल सका है। इस समस्या को लेकर टेंट हाउस के संचालक दलजीत सिंह बग्गा ने मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजा है। उनका आरोप है कि उप जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से मिले सरकारी आदेशों के मुताबिक उन्होंने सारा काम समय पर पूरा कर दिया था। इसके एवज में उन्हें करीब आठ लाख रुपये का भुगतान तो मिला, लेकिन बची हुई करीब चौहत्तर लाख निन्यानवे हजार रुपये की बड़ी रकम को अब तक रोक कर रखा गया है।

बकाया पैसा न मिलने के कारण साल दो हजार चार में सिविल जज की अदालत में रकम वसूली का एक मामला दर्ज कराया गया था। अदालत ने साल दो हजार सोलह में कारोबारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मूल पैसे के साथ छह फीसदी सालाना ब्याज देने का आदेश जारी किया था। जिला प्रशासन ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बावजूद अब तक पैसा नहीं मिलने से ब्याज जुड़कर यह पूरी रकम अब करीब एक करोड़ अस्सी लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। पीड़ित कारोबारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश को न मानने की वजह से सरकार को करीब एक करोड़ रुपये का फालतू आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके लिए सीधे तौर पर लापरवाह अधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत अपनी रकम दिलाने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

दूसरी तरफ, जिले में वेतन और पेंशन को छोड़कर बाकी सभी तरह के सरकारी भुगतानों पर लगी रोक का असर अब साफ दिखने लगा है। इसकी वजह से क्षेत्र के विकास कार्य ठप हो गए हैं। जेल में बंद कैदियों के खाने-पीने के इंतजाम पर संकट खड़ा हो रहा है, तो वहीं पुलिस की गाड़ियों के लिए ईंधन की सप्लाई भी रुकने के कगार पर पहुंच गई है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद भी एक करोड़ अस्सी लाख रुपये की देनदारी पूरी न करने पर संबंधित सरकारी बैंक खातों को बंद किए जाने की बात भी सामने आ रही है।

Also Click : Lucknow : भविष्य में 21 मिनट में तय होगी दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी, परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक चलेंगी बसें

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement