Lucknow Crime: लखनऊ में नगर निगम टीम पर जानलेवा हमला, उपनिरीक्षक की गर्दन दबाकर की अभद्रता, जांच शुरू
Lucknow News: लखनऊ में नगर निगम टीम पर कार्रवाई के दौरान हमला हुआ। दरोगा से अभद्रता और हाथापाई के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी जांच तेज की।
- Attack on Municipal Team in Lucknow: लखनऊ में नगर निगम और पुलिस टीम पर हमला, दरोगा से मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
- लखनऊ में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस टीम पर हमला: उपनिरीक्षक की गर्दन दबाने का आरोप, इलाके में तनाव
- Lucknow Breaking News: लखनऊ में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान नगर निगम दस्ते पर हमला, पुलिसकर्मियों से हाथापाई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रही नगर निगम की प्रवर्तन टीम और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पर अचानक कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आधिकारिक अभियान के दौरान हुई इस घटना में मौके पर तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) के साथ गंभीर अभद्रता और उनकी गर्दन दबाकर हाथापाई करने का आरोप है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मी पर हमला करने तथा अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
राजधानी लखनऊ के एक व्यस्त इलाके में नगर निगम की संयुक्त प्रवर्तन टीम नियमित प्रशासनिक व अतिक्रमण निरोधक कार्रवाई के तहत फील्ड में मौजूद थी। टीम के साथ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस बल भी तैनात था। कार्रवाई के दौरान कुछ व्यक्तियों ने अचानक विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने नगर निगम कर्मचारियों तथा वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक को घेरकर उनके साथ कथित रूप से शारीरिक बदसलूकी की गई और उनकी गर्दन दबाने की कोशिश की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नगर निगम का दस्ता अपने निर्धारित कार्ययोजना के तहत क्षेत्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रहा था। टीम के सदस्यों ने जब अवैध रूप से सार्वजनिक स्थान घेरे हुए लोगों को हटने का निर्देश दिया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका उग्र विरोध करना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने और शांति बनाए रखने के लिए जब मौके पर मौजूद दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया, तो विवादित पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए।
आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने सरकारी कर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए उपनिरीक्षक के कॉलर और गर्दन पर हाथ डालकर उनके साथ अभद्रता की। वर्दी में तैनात पुलिस अधिकारी के साथ हुई इस हाथापाई के कारण स्थिति कुछ समय के लिए बेहद तनावपूर्ण हो गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को और बिगड़ने से बचाया और तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचना दी, जिसके बाद पास के थानों से भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वर्दीधारी पुलिस बल के साथ किसी भी तरह की हिंसा या बदसलूकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है और मौके से जुटाए गए वीडियो फुटेज व बयानों के आधार पर संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
वहीं नगर निगम के कर्मचारी संघों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए फील्ड कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था का पालन सभी पक्षों द्वारा किया जाना चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा अनुचित है।
राजधानी में ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी और नगर निगम के दल पर इस तरह का हमला शहरी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस घटना के बाद स्थानीय इलाके में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह का तनाव न फैले। प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं से उनके नियमित अभियानों पर कोई विराम नहीं लगेगा, बल्कि भविष्य में होने वाली सभी कार्रवाइयों में अतिरिक्त सुरक्षा घेरा और वीडियोग्राफी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस विभाग ने पूरे मामले में विधिक कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए नामजद और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल से बनाए गए वीडियो फुटेज को साक्ष्य के तौर पर संकलित किया जा रहा है। जांच अधिकारी का कहना है कि प्रारंभिक साक्ष्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार गिरफ्तारी और अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
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