सहारनपुर में बाढ़ का दर्दनाक मंजर: कब्रिस्तान में घुसा पानी, मिट्टी कटने से बाहर आए शव, ग्रामीणों में भारी रोष
सहारनपुर के गागलहेड़ी में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कब्रिस्तान में पानी भर गया। कई कब्रों की मिट्टी कटने से शव बाहर आ गए। स्थानीय लोगों ने की दोबारा दफनाने की मांग।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी क्षेत्र में भारी मानसूनी बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ ने एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली स्थिति पैदा कर दी है। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ का गंदा पानी स्थानीय कब्रिस्तान के भीतर तक घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसने कब्रिस्तान की सुरक्षा मिट्टी को पूरी तरह से काट दिया। इस भू-कटाव के कारण कई पुरानी और नई कब्रें नीचे धंस गईं और उनमें दफन किए गए शवों के कफन पानी के तेज तेज प्रवाह के साथ बाहर तैरते हुए दिखाई देने लगे। इस बेहद संवेदनशील और दुखद दृश्य को देखकर पूरे इलाके के नागरिकों में गहरा शोक और रोष व्याप्त है।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार हो रहे जलभराव की वजह से कब्रिस्तान के बड़े हिस्से में कई फीट तक पानी जमा हो गया है। जलभराव के कारण हर तरफ कीचड़, गाद और मलबे का ढेर लगा हुआ है। इस विषम परिस्थिति में कफन में लिपटे हुए कुछ शव गंदे पानी के ऊपर तैरते पाए गए। जैसे ही इस हृदयविदारक घटना की खबर आसपास के गांवों और मोहल्लों में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन कब्रिस्तान के पास इकट्ठा हो गए। लोगों ने इस पूरे वाकये को बेहद दुखद और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
कब्रिस्तान में उत्पन्न हुई इस संकटपूर्ण स्थिति को देखते हुए स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना खुद ही राहत कार्य शुरू करने का फैसला किया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल सरकारी तंत्र के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा जा सकता, बल्कि इंसानी और सामाजिक दायित्वों के तहत शवों को सम्मान देना हम सभी का पहला कर्तव्य है। लोगों ने आपसी सहयोग से पानी में बह रहे शवों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा सम्मानपूर्वक दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस अप्रत्याशित संकट के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कुछ मुख्य मांगें रखी हैं। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए कब्रिस्तान के चारों तरफ एक मजबूत पक्की बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का तुरंत निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही, जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए क्षेत्र में एक बेहतर और आधुनिक जलनिकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) विकसित की जाए। ग्रामीणों ने बाढ़ से प्रभावित हुए गरीब परिवारों को सरकारी स्तर पर आर्थिक मदद और मुआवजा देने की भी अपील की है ताकि वे इस आफत से उबर सकें। यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजामों की कमी को साफ दर्शाता है।
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