Deoband: ऑनलाइन फेशियल हाजिरी में लोकेशन नियम से बिजली कर्मचारियों में रोष

विद्युत निगम द्वारा ऑनलाइन फेशियल अटेंडेंस प्रणाली में लोकेशन आधारित उपस्थिति की अनिवार्यता लागू

Jul 10, 2026 - 20:25
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Deoband: ऑनलाइन फेशियल हाजिरी में लोकेशन नियम से बिजली कर्मचारियों में रोष
ऑनलाइन फेशियल हाजिरी में लोकेशन नियम से बिजली कर्मचारियों में रोष

देवबंद। विद्युत निगम द्वारा ऑनलाइन फेशियल अटेंडेंस प्रणाली में लोकेशन आधारित उपस्थिति की अनिवार्यता लागू किए जाने के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि नया नियम फील्ड में कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारियों की कार्यशैली के अनुरूप नहीं है। 

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कर्मचारी को अपनी तैनाती वाले बिजलीघर, उपकेंद्र या निर्धारित कार्यस्थल की लोकेशन पर पहुंचकर ही फेशियल अटेंडेंस दर्ज करनी होगी। निर्धारित स्थान से बाहर रहने पर हाजिरी दर्ज नहीं होगी, जिससे वेतन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसको लेकर विद्युत निगमकर्मियों ने नाराजगी जताई है। निगम के अवर अभियंता विष्णु कोठारी, राजकुमार, आशुतोष, भरत कुमार, रविपाल सिंह, सनी सैनी, अश्वनी कुमार, दिनेश और अशोक आदि ने कहा कि विद्युत निगम का अधिकांश कार्य फील्ड में होता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने, ट्रांसफार्मर खराब होने, लाइन फॉल्ट, तार टूटने या अन्य तकनीकी शिकायतों के निस्तारण के लिए उन्हें अक्सर अपने तैनाती स्थल से कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ऐसे में अगर सुबह दस बजे या शाम पांच बजे वह किसी अन्य स्थान पर उपभोक्ताओं की समस्या दूर कर रहे होंगे तो उन्हें काम बीच में छोड़कर केवल हाजिरी लगाने के लिए वापस उपकेंद्र आना पड़ेगा।

इससे न केवल कार्य प्रभावित होगा बल्कि बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी देरी होगी। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि विभागीय कर्मचारी चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं देते हैं। आंधी, बारिश, दुर्घटना या अन्य आपदा की स्थिति में उन्हें देर रात तक भी फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था बहाल करनी पड़ती है। ऐसे में शाम पांच बजे ड्यूटी खत्म करने की बाध्यता व्यवहारिक नहीं है और यह फील्ड ड्यूटी की वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि यदि विभाग का उद्देश्य केवल उपस्थिति सुनिश्चित करना है तो इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी अपनी वास्तविक लोकेशन से ही हाजिरी दर्ज कर सकें। इससे कार्य भी प्रभावित नहीं होगा और उपभोक्ताओं को भी समय पर बिजली संबंधी सेवाएं मिलती रहेंगी। कहा कि यदि नियम में संशोधन नहीं किया गया तो फील्ड कार्य और उपभोक्ता सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

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