लस्सी पीने की चाहत बन गई काल, एक ही परिवार के चार लोगों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत से मलकापुर इलाके में पसरा मातम
हादसे की चीख-पुकार सुनकर हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और पास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत अपने कदम घटनास्थल की तरफ बढ़ाए। वहां का नजारा बेहद विचलित करने वाला था, क्योंकि कंक्रीट की सड़क पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और एक छो
- जलगांव के वरनगांव में मुंबई-नागपुर हाईवे बाईपास पर भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टू-व्हीलर को मारी टक्कर, मासूम बच्चे और महिला सहित 4 की मौत।
- हाईवे बाईपास पर रफ्तार का कहर, अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने दोपहिया को कुचला, मौके पर ही टूटीं चार सांसें, पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी ने मोटरसाइकिल को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में दोपहिया वाहन पर सवार एक मासूम बच्चे और एक महिला समेत कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना वरनगांव के समीप स्थित मुंबई-नागपुर हाईवे बाईपास पर घटित हुई है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार चारों नागरिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक वाकये के बाद से पूरे वरनगांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोहराम मचा हुआ है तथा स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भीषण सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों अभागे लोग बुलढाणा जिले के मलकापुर क्षेत्र के रहने वाले थे और वे सभी एक ही आदिवासी पारधी समुदाय के परिवार से ताल्लुक रखते थे। यह पूरा परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आता था और मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहा था। घटना के दिन वे सभी अपने घरेलू काम से मुक्त होकर कुछ फुर्सत के पल बिताने और भीषण गर्मी से राहत पाने के उद्देश्य से अपने दोपहिया वाहन पर सवार होकर वरनगांव की तरफ आ रहे थे। परिवार के सदस्यों को क्या मालूम था कि घर से लस्सी पीने के बहाने निकला यह सफर उनके जीवन का अंतिम सफर साबित होने वाला है और कुछ ही पलों में पूरा हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
जैसे ही इन चारों सदस्यों की मोटरसाइकिल मलकापुर से निकलते हुए वरनगांव के नजदीक मुंबई-नागपुर हाईवे बाईपास के पास पहुंची, तभी सामने की दिशा से आ रही एक सफेद रंग की तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनके दोपहिया वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो की गति इतनी अधिक थी कि चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था और उसने सीधे मोटरसाइकिल को सामने से आमने-सामने की भीषण टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मोटरसाइकिल पर सवार चारों लोग हवा में कई फीट ऊपर उछल गए और हाईवे की कंक्रीट की सड़क पर दूर जाकर गिरे, जिससे उन्हें सिर और छाती में अत्यंत गंभीर चोटें आईं और शरीर से अत्यधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
एक ही परिवार पर गिरा दु:खों का पहाड़ इस भीषण सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले चारों मृतक मलकापुर के रहने वाले एक ही आदिवासी पारधी परिवार के सदस्य थे। इस अवांछित घटना के बाद मृतक के परिजनों और पूरे आदिवासी समुदाय में गहरा शोक व्याप्त हो गया है और मलकापुर में सन्नाटा पसरा है।
हादसे की चीख-पुकार सुनकर हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और पास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत अपने कदम घटनास्थल की तरफ बढ़ाए। वहां का नजारा बेहद विचलित करने वाला था, क्योंकि कंक्रीट की सड़क पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और एक छोटा बच्चा तथा महिला अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। स्थानीय नागरिकों ने बिना कोई समय गंवाए तुरंत इस गंभीर मामले की सूचना स्थानीय वरनगांव पुलिस थाने को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम और एम्बुलेंस कर्मी भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत डॉक्टरों की मदद से चारों घायलों की नब्ज टटोली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।
हाईवे बाईपास पर हुए इस भीषण हादसे के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और काफी समय तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। पुलिस प्रशासन ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी और पूरी तरह से पिचक चुकी मोटरसाइकिल को हाईवे के बीच से हटाकर किनारे किया, जिसके बाद यातायात को दोबारा सुचारू रूप से संचालित कराया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो का चालक मौके का फायदा उठाकर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया था, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने आसपास के थानों को अलर्ट जारी कर दिया है और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी चालक की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
लस्सी पीने की चाहत बनी काल मलकापुर से वरनगांव की ओर आ रहे इस आदिवासी परिवार के सदस्य सिर्फ लस्सी पीने की इच्छा लेकर घर से निकले थे। उन्हें जरा भी अंदेशा नहीं था कि वरनगांव पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले ही हाईवे बाईपास पर मौत उनका इंतजार कर रही है।
इस दुखद घटना ने मुंबई-नागपुर हाईवे बाईपास पर वाहनों की बेलगाम रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को एक बार फिर से सभी के सामने ला दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस बाईपास मार्ग पर अक्सर वाहन चालक बेहद लापरवाही और अत्यधिक गति से गाड़ियां चलाते हैं, जिसके कारण आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र में गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) बनाए जाएं और हाईवे पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम और बेगुनाह परिवार को अपनी जान न गंवानी पड़े। पुलिस ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और मामले की गहराई से जांच करने की बात कही है।
फरार स्कॉर्पियो चालक की तलाश दुर्घटना को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो गाड़ी का चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। वरनगांव थाना पुलिस ने स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में लेकर विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
फिलहाल, इस अत्यंत दुखद और हृदयविदारक हादसे के बाद मृतकों के मूल निवास स्थान मलकापुर में चारों तरफ मातम का माहौल है। पारधी समुदाय के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है, क्योंकि एक ही झटके में एक पूरा परिवार हमेशा-हमेशा के लिए मिट गया है। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके मूल गांव भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां पूरे गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस विभाग ने इस मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और कानूनी तफ्तीश को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल सके।
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