E20 Petrol Protest: E20 पेट्रोल के खिलाफ सड़कों पर AAP, अरविंद केजरीवाल करेंगे प्रधानमंत्री आवास तक मार्च
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल E20 पेट्रोल के विरोध में आज दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालेंगे। जानें इस विरोध प्रदर्शन की पूरी वजह।
- Arvind Kejriwal E20 Fuel Protest: E20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल का आज पीएम आवास तक मार्च, जानें पूरा मामला
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- Arvind Kejriwal March: E20 पेट्रोल के खिलाफ केजरीवाल का हल्लाबोल, पीएम आवास तक निकालेंगे विरोध मार्च
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल के खिलाफ आज दिल्ली में एक बड़ा राजनीतिक विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। केजरीवाल ने आज राजधानी में समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। वे पिछले कुछ समय से E20 ईंधन की गुणवत्ता, वाहनों के इंजन पर इसके संभावित दुष्प्रभावों और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार सवाल खड़े करते रहे हैं। इस मार्च के जरिए आम आदमी पार्टी नीतिगत स्तर पर E20 पेट्रोल के अनिवार्य कार्यान्वयन को वापस लेने या इसमें संशोधन करने की मांग कर रही है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
ईंधन नीति और उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा यह मुद्दा अब बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले चुका है। केंद्र सरकार द्वारा देश भर में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले यानी E20 पेट्रोल की बिक्री को बढ़ावा दिए जाने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आरोप है कि E20 पेट्रोल का वर्तमान स्वरूप आम वाहन चालकों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। इसी के विरोध में उन्होंने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च करने का फैसला किया है ताकि इस फैसले की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
ईंधन में 20% इथेनॉल मिलाने की नीति यानी E20 फ्लेक्स-फ्यूल के कार्यान्वयन के बाद से ही इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। केजरीवाल और उनकी पार्टी का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों और विशेषकर बिना E20-कम्प्लायंट इंजन वाले वाहनों के कलपुर्जों पर बुरा असर पड़ रहा है। आम आदमी पार्टी का तर्क है कि इससे गाड़ियों की माइलेज में गिरावट आ रही है और इंजन जल्दी खराब हो रहे हैं, जिससे आम जनता को मरम्मत और अतिरिक्त ईंधन पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में केजरीवाल ने लगातार केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना की है और सार्वजनिक रूप से सवाल पूछे हैं। आज के मार्च का कार्यक्रम तय करते हुए आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान किया है। मार्च की शुरुआत दिल्ली स्थित मुख्य पार्टी कार्यालय या तय स्थल से होकर प्रधानमंत्री आवास की दिशा में आगे बढ़ेगी। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पीएम आवास और लुटियंस दिल्ली के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और यातायात में ज्यादा बाधा न आए।
इस पूरे विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक और नीतिगत गलियारों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "सरकार पर्यावरण और इथेनॉल के नाम पर आम जनता और वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। जो गाड़ियां E20 के अनुकूल नहीं हैं, उनके मालिकों का क्या? सरकार को इस नीति की समीक्षा करनी चाहिए और वाहन चालकों के नुकसान की भरपाई का रास्ता निकालना चाहिए।"
दूसरी ओर, केंद्र सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधियों का रुख इस नीति के समर्थन में रहा है। सरकार का तर्क है कि E20 पेट्रोल भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने, विदेशी मुद्रा बचाने और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बेहद जरूरी है। बीजेपी नेताओं ने विपक्ष के विरोध को 'भ्रामक' और 'विकास विरोधी' करार देते हुए कहा है कि दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल को बढ़ावा दिया जा रहा है और भारत भी उसी दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है।
केजरीवाल के इस मार्च का सीधा प्रभाव दिल्ली के राजनीतिक और नागरिक जीवन दोनों पर पड़ रहा है। राजनीतिक रूप से, इस मुद्दे ने विपक्षी दलों को केंद्र की आर्थिक व पर्यावरण नीतियों को घेरने का एक नया हथियार दे दिया है। आम जनता के बीच भी E20 ईंधन की गुणवत्ता और पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर जागरूकता और बहस बढ़ गई है।
नागरिकों और यात्रियों के नजरिए से देखें तो लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस बैरिकेडिंग के कारण आज ट्रैफिक डायवर्जन देखने को मिल सकता है। पीएम आवास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दिए जाने से दफ्तर जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को कुछ समय के लिए आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आज के इस विरोध मार्च के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार या पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस पर क्या औपचारिक स्पष्टीकरण जारी करता है। यदि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच बड़े पैमाने पर उठाने में सफल रहती है, तो यह आने वाले दिनों में एक बड़ा नीतिगत बहस का विषय बन सकता है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की नजरें भी इस बात पर होंगी कि सरकार पुरानी गाड़ियों के लिए वैकल्पिक ईंधन विकल्प जारी रखेगी या E20 से जुड़े तकनीकी संशयों को दूर करने के लिए कोई नया दिशा-निर्देश जारी करेगी।
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