Mathura : रंगोत्सव 2026- नंदगांव के हुरियारों पर बरसाना में बरसीं प्रेम की लाठियां, परंपरा का उड़ा गुलाल

दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे हुरियारे रंगीली गली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज रसिया और होली गीत गाकर उन्होंने हुरियारिनों को रिझाया। इसके जवाब में महिलाओं ने मजाकि

By INA News Desk
Feb 25, 2026 - 21:27
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Mathura : रंगोत्सव 2026- नंदगांव के हुरियारों पर बरसाना में बरसीं प्रेम की लाठियां, परंपरा का उड़ा गुलाल
Mathura : रंगोत्सव 2026- नंदगांव के हुरियारों पर बरसाना में बरसीं प्रेम की लाठियां, परंपरा का उड़ा गुलाल

  • हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा
  • ब्रज की 5000 साल पुरानी इस अनूठी परंपरा के साक्षी बने लाखों देसी-विदेशी श्रद्धालु
  • योगी सरकार ने रंगोत्सव को दिया भव्य और दिव्य रूप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

मथुरा। राधा रानी की नगरी बरसाना बुधवार को पूरी तरह से 'रंगोत्सव' के उल्लास में डूबी नजर आई। शाम करीब पांच बजे विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली गई, जहां नंदगांव के हुरियारों पर बरसाने की हुरियारिनों ने प्रेम की लाठियां बरसाईं।छतों से लेकर सड़क तक हर कोना अबीर-गुलाल से सराबोर था और हर तरफ केवल राधा-कृष्ण के जयकारे गूंज रहे थे। योगी सरकार ने 'रंगोत्सव 2026' को भव्य रूप देते हुए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अनूठी होली का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना में उमड़ पड़ा।

प्रिया कुंड पर दामाद सा सत्कार और श्रीजी से ली आज्ञा
नंदगांव के हुरियारों के बरसाना पहुंचने पर प्रिया कुंड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बरसाना वासी कृष्ण के सखाओं को दामाद के रूप में देखते हैं, इसलिए उसी आत्मीय भाव से उन्हें मिठाई, पकोड़े, ठंडाई और भांग परोसी गई।इसके बाद हुरियारों ने अपनी पाग (पगड़ी) बांधी और ब्रह्मांचल पर्वत स्थित श्री लाडली किशोरी जी के मंदिर पहुंचकर राधा रानी से होली खेलने की अनुमति ली। इस अद्भुत क्षण को और भी दिव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।

रंगीली गली में गूंजे रसिया, 5000 साल पुरानी है परंपरा
दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे हुरियारे रंगीली गली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज रसिया और होली गीत गाकर उन्होंने हुरियारिनों को रिझाया। इसके जवाब में महिलाओं ने मजाकिया अंदाज में उन पर लाठियों से वार किया, जिससे पुरुषों ने चमड़े की मजबूत ढाल से अपना बचाव किया।
मान्यता है कि यह परंपरा 5000 साल पुरानी है, जब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी और उनकी सखियों को चिढ़ाने आए थे, तब सखियों ने उन्हें लाठियों से खदेड़ा था। ब्रज में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलती है। इसका सबसे मुख्य आकर्षण यह लठामार होली ही है।

श्रद्धालुओं का उल्लास और संतों का भाव
इस अलौकिक दृश्य और आनंद को देखकर श्रद्धालु और मंदिर के सेवायत भाव-विभोर हो गए। श्रद्धालु भारती ने कहा कि मैंने जीवन में पहली बार ऐसी होली देखी है। लाठियों की मार में भी जो प्रेम और भक्ति का भाव है, वह सिर्फ ब्रज में ही महसूस किया जा सकता है। ऐसा लग रहा है मानो साक्षात कान्हा यहाँ होली खेल रहे हों। श्रद्धालु स्वाति ने कहा कि योगी सरकार ने जो व्यवस्था की है, वह बेहतरीन है। इतनी भीड़ के बावजूद प्रशासन का प्रबंधन शानदार था। आसमान से जब हेलीकॉप्टर से फूल बरसे, तो हमारा मन आनंद से भर गया।नंदबाबा मंदिर के मुख्य पुजारी मनीष गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव और बरसाना का यह रिश्ता द्वापर युग से चला आ रहा है। यह लाठियां चोट नहीं पहुंचातीं, बल्कि यह राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम और मनुहार का प्रतीक हैं। आज पूरा ब्रज इसी प्रेम रस में डूबा हुआ है।

4500 जवानों के साथ अभेद्य रही सुरक्षा व्यवस्था
लाखों की भीड़ को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने सुरक्षा का बेहद कड़ा इंतजाम किया था। 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और एंटी रोमियो स्क्वायड की टीमें चप्पे- चप्पे पर मुस्तैद रहीं। इसके अलावा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं बरसाना की गलियों में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे यह महा आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ।

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