Sitapur : सीतापुर की 84 कोसी परिक्रमा में संत सुरेश दास का निधन, संत समाज में शोक की लहर
संत सुरेश दास स्वर्गीय महंत भरत दास के शिष्य थे। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और परिक्रमा में शामिल थे। पड़ाव स्थल पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गुरु भाई श्याम दास, भयं
सीतापुर जिले के पिसावां क्षेत्र में चल रही 84 कोसी परिक्रमा यात्रा के दौरान देवगवां गांव के छठे पड़ाव पर संत सुरेश दास का अचानक निधन हो गया। यह घटना संतों और श्रद्धालुओं के बीच शोक की लहर लेकर आई।
संत सुरेश दास स्वर्गीय महंत भरत दास के शिष्य थे। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और परिक्रमा में शामिल थे। पड़ाव स्थल पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गुरु भाई श्याम दास, भयंकरानंद दास और अजय दास ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई लेकिन समय पर नहीं पहुंची। इस दौरान थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी सरकारी गाड़ी से उन्हें सुबह करीब 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टर पूर्णिक पटेल ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती अनुमान के अनुसार दिल का दौरा मौत का कारण बना। उनकी उम्र लगभग 55 वर्ष थी।
निधन की खबर फैलते ही हजारों परिक्रमावासियों की आंखें नम हो गईं। गुरु भाई बाबा जगमोहन दास ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम न कराने का फैसला लिया। संत परंपरा के अनुसार देवगवां पड़ाव पर ही साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली, वहीं से वे भगवान विष्णु के बैकुंठ धाम को प्रस्थान करेंगे।
You May Read : फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
What's Your Reaction?











