Lucknow: उत्कृष्ट शिक्षण, नवाचार और विद्यालय विकास में योगदान देने वाले शिक्षकों को मिलेगा सम्मान : मंत्री संदीप सिंह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार और उत्कृष्ट शिक्षकों
- राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 7 जून से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
- 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक 30 जून तक प्रेरणा पोर्टल पर कर सकेंगे आवेदन
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार और उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयन प्रक्रिया, दिशा-निर्देश एवं समय-सारिणी जारी कर दी गई है। पात्र शिक्षक एवं शिक्षिकाएं 07 जून से 30 जून 2026 तक विभाग के प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी तथा किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इच्छुक शिक्षक निर्धारित अवधि में प्रेरणा पोर्टल पर अपना आवेदन एवं ऑनलाइन पोर्टफोलियो प्रस्तुत कर सकेंगे। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए केवल नियमित रूप से कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाएं ही पात्र होंगे। आवेदनकर्ता के लिए न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण होना आवश्यक है तथा सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष की अवधि शेष होनी चाहिए। संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, सेवानिवृत्त शिक्षक अथवा पूर्व में राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों में नवाचार, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के माध्यम से ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने समर्पण, नवाचार और परिश्रम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी पात्र शिक्षकों से निर्धारित समयावधि में आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनके उत्कृष्ट कार्यों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 01 जुलाई से 20 जुलाई तक जनपद चयन समितियां प्राप्त आवेदनों का परीक्षण, अभिलेखीय सत्यापन एवं मूल्यांकन करेंगी। इसके उपरांत चयनित आवेदनों को राज्य चयन समिति को प्रेषित किया जाएगा। राज्य स्तर पर 01 अगस्त से 14 अगस्त तक पुनर्मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन 100 अंकों की निर्धारित प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसमें विद्यालय में नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट में कमी, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति, नवाचार आधारित शिक्षण, डिजिटल तकनीक के उपयोग, विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों, सामुदायिक सहभागिता तथा विद्यालय विकास में योगदान जैसे मानकों को शामिल किया गया है। वस्तुनिष्ठ मानकों के लिए 40 अंक, प्रदर्शन आधारित गतिविधियों के लिए 40 अंक तथा प्रस्तुतीकरण एवं साक्षात्कार के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
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