अनोखा मामला: शादी की सालगिरह में नहीं पहुंचे मेहमान तो हुगली के शख्स ने ठोका 500-500 रुपये का जुर्माना, जगह-जगह चिपकाए पोस्टर

पश्चिम बंगाल के हुगली में एक शख्स ने शादी की सालगिरह में न आने वाले मेहमानों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगा दिया और पोस्टर चिपकाकर अनोखा फरमान जारी किया।

Aug 3, 2026 - 13:46
Aug 3, 2026 - 13:46
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अनोखा मामला: शादी की सालगिरह में नहीं पहुंचे मेहमान तो हुगली के शख्स ने ठोका 500-500 रुपये का जुर्माना, जगह-जगह चिपकाए पोस्टर
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  • पश्चिम बंगाल: शादी की सालगिरह में नहीं आए मेहमान तो भड़का शख्स, पोस्टर लगाकर वसूला जुर्माना, जानें पूरा वाकया
  • सालगिरह में नहीं पहुंचे मेहमान तो बिफरा शख्स! जगह-जगह पोस्टर लगाकर लगा दिया ₹500 का जुर्माना
  • पश्चिम बंगाल के हुगली में अनोखी घटना: शादी की सालगिरह में अनुपस्थित रहने पर मेहमानों पर लगा 500 रुपये का जुर्माना

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है, जहां शादी की सालगिरह के जश्न में मेहमानों के शामिल न होने से नाराज होकर एक शख्स ने उन पर जुर्माना ठोक दिया। चुंचुड़ा नगरपालिका में कार्यरत सुखेन घोष ने 29 जुलाई को अपनी शादी की सालगिरह पर सहकर्मियों, रिश्तेदारों और परिचितों के लिए शानदार दावत रखी थी। हालांकि, बड़ी संख्या में आमंत्रितों के न पहुंचने से भारी मात्रा में भोजन बर्बाद हुआ और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसी गुस्से में उन्होंने नगरपालिका परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाकर गैरहाजिर रहे प्रत्येक मेहमान पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही, जुर्माना भरकर घर आकर दंपती को आशीर्वाद देने का फरमान जारी किया है, जिससे इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

आमतौर पर सामाजिक या पारिवारिक आयोजनों में आमंत्रित मेहमानों का न पहुंचना एक सामान्य बात मानी जाती है, लेकिन पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चुंचुड़ा में इसे लेकर एक अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देखने को मिली है। चुंचुड़ा नगरपालिका के कर्मचारी सुखेन घोष ने अपनी मैरिज एनिवर्सरी के मौके पर दिए गए निमंत्रण का आदर न करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया है।

सुखेन का कहना है कि उन्होंने मेहमानों की संभावित संख्या के हिसाब से भोजन की विशेष व्यवस्था की थी। मेहमानों की अनुपस्थिति के कारण बहुत सारा खाना बच गया, जिसे फेंकना पड़ा। इससे उन्हें न केवल मानसिक आघात पहुंचा, बल्कि काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। इसी हताशा में उन्होंने सार्वजानिक रूप से पोस्टर लगाकर अपनी नाराजगी जताई है।

यह पूरा मामला 29 जुलाई का है, जब सुखेन घोष की शादी की सालगिरह थी। उन्होंने इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए नगरपालिका के सहयोगियों, अधिकारियों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को निमंत्रण कार्ड बांटे थे। सालगिरह की शाम को उन्होंने विशेष पकवानों के साथ बड़ी दावत का आयोजन किया था। तय समय पर कई आमंत्रित लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। भोजन काफी मात्रा में बच गया, जिसे देखकर आयोजक सुखेन काफी आहत हुए। नाराजगी जाहिर करने के लिए उन्होंने चुंचुड़ा नगरपालिका परिसर और आसपास के इलाकों में पोस्टर चस्पा कर दिए। पोस्टर में साफ लिखा गया कि कार्यक्रम में न आकर मेहमानों ने उनका दिल दुखाया है और आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, इसलिए उन्हें 500 रुपये का दंड देना होगा। पोस्टर में यह भी शर्त जोड़ी गई कि जुर्माना भरने के बाद संबंधित व्यक्ति को उनके घर जाकर दंपती को शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी देना होगा।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुखेन ने अपने एक दोस्त को दावत में तैयार होकर (दाढ़ी-बाल बनवाकर) आने के लिए ₹200 भी दिए थे। जब वह दोस्त भी दावत में नहीं आया, तो सुखेन ने उससे वह 200 रुपये वापस ले लिए।

सुखेन घोष का तर्क है कि बिना किसी पूर्व सूचना के निमंत्रण को नजरअंदाज करना गलत है। अगर लोग पहले ही असमर्थता जता देते तो खाना बर्बाद नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि खाने की बर्बादी और आयोजक की भावना को समझाने का एक प्रयास है। नगरपालिका के कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना हंसी और आश्चर्य का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे एक मजाकिया वाकया मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे एक व्यक्ति का बचकाना रवैया बता रहे हैं। हालांकि, कई लोग दबी जुबान में यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि समारोहों में भोजन की बर्बादी एक गंभीर समस्या है।

यह अजीबोगरीब मामला सामने आने के बाद पूरे हुगली जिले में सुखेन घोष के इस कदम की चर्चा जोरों पर है। चुंचुड़ा नगरपालिका के आसपास और सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि कोई व्यक्ति आमंत्रण स्वीकार न करने पर इस तरह सार्वजनिक रूप से जुर्माना कैसे लगा सकता है। वहीं, इस घटना ने शादियों और पार्टियों में होने वाली भोजन की बर्बादी के प्रति लोगों का ध्यान भी खींचा है।

सुखेन घोष ने खुद कुछ आमंत्रितों के घर जाकर अपने इस फैसले से उन्हें अवगत कराया है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या कोई मेहमान वास्तव में यह 500 रुपये का जुर्माना अदा करता है या फिर दंपती को घर जाकर आशीर्वाद देता है। कानूनी रूप से यह जुर्माना बाध्यकारी नहीं है, लेकिन इस अनोखे विरोध ने समाज में निमंत्रण और भोजन के सम्मान पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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