Mamata Banerjee Statement: 'चुप कराना है तो मारना होगा', TMC में बगावत के बीच ममता बनर्जी का BJP को सीधा चैलेंज

Mamata Banerjee Video Message: तृणमूल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी कर बीजेपी को चुनौती दी है और बागी नेताओं को 'गद्दार' बताया है।

Jul 10, 2026 - 13:35
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Mamata Banerjee Statement: 'चुप कराना है तो मारना होगा', TMC में बगावत के बीच ममता बनर्जी का BJP को सीधा चैलेंज
TMC Rebellion Crisis
  • TMC Rebellion: तृणमूल में मचे घमासान के बीच गरजीं ममता बनर्जी, बागियों को 'गद्दार' कह बीजेपी में जाने की दी चुनौती
  • 'मुझे चुप कराना है तो मारना होगा...' टीएमसी में बगावत के बीच ममता बनर्जी का वीडियो संदेश, बीजेपी और बागियों को ललकारा
  • पश्चिम बंगाल में भारी राजनीतिक घमासान: ममता बनर्जी ने जारी किया वीडियो संदेश, बीजेपी को दी जान से मारने की खुली चुनौती

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे अभूतपूर्व आंतरिक घमासान और असंतोष के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बेहद आक्रामक वीडियो संदेश जारी किया है। शुक्रवार को सामने आए इस आधिकारिक बयान में टीएमसी सुप्रीमो ने मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए कहा, "अगर मुझे चुप कराना है तो तुम्हें मुझे मारना होगा।" इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के भीतर बगावत का झंडा बुलंद करने वाले असंतुष्ट नेताओं को 'गद्दार' करार दिया और उन्हें छिपकर वार करने के बजाय सीधे बीजेपी में शामिल होने की चुनौती दी। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ और क्षेत्रीय क्षत्रपों द्वारा नेतृत्व के खिलाफ दिए जा रहे बयानों के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इस आंतरिक बगावत से निपटने और संगठन पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाने के लिए ममता बनर्जी ने सीधे जनता और कार्यकर्ताओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे संकट को बीजेपी द्वारा प्रायोजित बताते हुए तीखे शब्दों का प्रयोग किया है।

पिछले कुछ दिनों से कोलकाता से लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में टीएमसी के कई विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों द्वारा शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे थे। चर्चाएं थीं कि बागी गुट विपक्षी दलों के संपर्क में है और राज्य सरकार को संकट में डालने की कोशिश की जा रही है।

इस बीच, ममता बनर्जी ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक वीडियो क्लिप जारी कर इन सभी चर्चाओं पर विराम लगाने के साथ-साथ तीखा पलटवार किया। वीडियो में बेहद गंभीर और आक्रामक लहजे में बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "कुछ लोग पार्टी में रहकर मलाई खाते हैं और संकट के समय पीठ में छुरा घोंपते हैं। ऐसे गद्दारों की टीएमसी में कोई जगह नहीं है। अगर उनमें हिम्मत है, तो वे तुरंत इस्तीफा दें और सीधे बीजेपी का झंडा थाम लें।" उन्होंने आगे बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और धनबल के दम पर उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यदि विरोधी उन्हें राजनीतिक रूप से नहीं हरा सकते और पूरी तरह चुप कराना चाहते हैं, तो उन्हें उनकी जान लेनी होगी, क्योंकि वे आखिरी सांस तक बंगाल के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी।

इस बेहद प्रखर और आक्रामक राजनीतिक बयान के बाद राज्य के राजनीतिक दलों की तरफ से बेहद संतुलित और कड़े रुख सामने आ रहे हैं:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पलटवार: बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने ममता बनर्जी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस अपने खुद के भ्रष्टाचार, आंतरिक कलह और जनता के बढ़ते असंतोष के कारण बिखर रही है। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। 'जान से मारने' जैसे बयानों का प्रयोग केवल सहानुभूति बटोरने और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

बागी धड़े का रुख: टीएमसी के असंतुष्ट नेताओं ने दबी जुबान में कहा कि वे पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे संगठन के भीतर कुछ खास लोगों की तानाशाही और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।

टीएमसी समर्थकों का रुख: पार्टी के वफादार मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी के इस संदेश की सराहना करते हुए कहा कि 'दीदी' का यह रुख साबित करता है कि वे आज भी बंगाल की सबसे निडर नेता हैं और पूरी पार्टी एकजुट होकर गद्दारों का मुकाबला करेगी।

ममता बनर्जी के इस सीधे और आक्रामक रुख का प्रभाव बंगाल की राजनीति पर कई रूपों में देखने को मिलेगा:

संगठन में बड़ी सफाई: इस बयान के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तेज हो सकती है, जिससे कई बड़े चेहरों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

वैचारिक ध्रुवीकरण: 'गद्दार बनाम वफादार' के इस विमर्श से टीएमसी अपने कोर कैडर को वैचारिक रूप से री-मोबिलाइज (लामबंद) करने का प्रयास करेगी, जिससे आगामी स्थानीय और निकाय चुनावों में जमीन मजबूत की जा सके।

केंद्रीय राजनीति में हलचल: इस सीधे टकराव के कारण दिल्ली और कोलकाता के बीच राजनीतिक संबंध और अधिक तनावपूर्ण होने की आशंका बढ़ गई है।

वीडियो संदेश जारी होने के बाद अब गेंद बागी खेमे के पाले में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे ममता बनर्जी की इस सीधी चुनौती को स्वीकार करते हुए पार्टी छोड़ते हैं या अपने रुख में नरमी लाते हैं। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी अनुशासन समिति ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें संदिग्ध गतिविधियों में शामिल विधायकों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया जा सकता है। दूसरी तरफ, बीजेपी भी राज्य के इस बदलते घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और अपनी आगामी सांगठनात्मक रणनीति तय करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें कर रही है। पश्चिम बंगाल का यह राजनीतिक ड्रामा आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है।

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