DMRC New Plan: दिल्ली मेट्रो के 13 स्टेशनों पर बनेंगे नए FOB, बिना टिकट आसानी से सड़क पार कर सकेंगे पैदल यात्री
DMRC New Plan: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) 13 मेट्रो स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाने जा रहा है। जानिए किन लोगों को मिलेगा इसका सीधा फायदा।
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- दिल्ली मेट्रो की शानदार पहल! 13 स्टेशनों पर बनेंगे नए फुट ओवर ब्रिज, बिना मेट्रो का सफर किए पार कर सकेंगे सड़क
- DMRC Project: दिल्ली मेट्रो के 13 स्टेशनों पर बनेंगे फुट ओवर ब्रिज, पेडेस्ट्रियन सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एक नई इंफ्रास्ट्रक्चर योजना तैयार की है। इस योजना के तहत दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के 13 चुनिंदा स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण किया जाएगा। DMRC द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो लोग मेट्रो में सफर नहीं भी कर रहे हैं, वे भी इन फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल कर व्यस्त मुख्य सड़कों को सुरक्षित रूप से पार कर सकें। आने वाले समय में DMRC द्वारा इन 13 मेट्रो स्टेशनों का चयन कर चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे शहर में सड़क हादसों में कमी आएगी और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने यात्रियों के साथ-साथ आम पैदल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। DMRC नेटवर्क के 13 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) से जोड़ा जाएगा।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि ये फुट ओवर ब्रिज मेट्रो स्टेशन के 'अनपेड एरिया' (Unpaid Area) से जुड़े होंगे या उनसे अलग इस तरह बनाए जाएंगे कि आम नागरिक बिना मेट्रो का टिकट या स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल किए आसानी से सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकेंगे। दिल्ली के कई व्यस्त चौराहों और मुख्य सड़कों पर पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में भारी दिक्कतों और हादसों के खतरे का सामना करना पड़ता था, जिससे यह परियोजना राहत प्रदान करेगी।
दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन ऐसे मुख्य मार्गों पर स्थित हैं जहां वाहनों का भारी दबाव रहता है। कई जगहों पर पैदल पार पथ (Pedestrian Crossing) या तो काफी दूरी पर स्थित हैं या फिर भारी ट्रैफिक के कारण वहां से सड़क पार करना जोखिम भरा होता है। DMRC और ट्रैफिक विभाग के जमीनी सर्वेक्षण में यह पाया गया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास आम पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करने के सुरक्षित विकल्प सीमित हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर DMRC ने 13 ऐसे मेट्रो स्टेशनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की जहां पैदल यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है और जहां सड़क पार करना चुनौतीपूर्ण है। इन 13 FOB का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा ताकि ये दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए उपयोग में आसान हों। कई जगहों पर इन्हें लिफ्ट और एस्केलेटर सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और टेंडर प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सूत्रों के अनुसार, DMRC सिर्फ एक रेल नेटवर्क संचालित करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि शहरी गतिशीलता (Urban Mobility) को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि इन फुट ओवर ब्रिज के बनने से मेट्रो परिसरों के बाहर लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
दिल्ली के निवासियों और दैनिक यात्रियों ने इस फैसले की सराहना की है। लोगों का मानना है कि व्यस्त रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और विकास मार्ग जैसी चौड़ी सड़कों को पार करते समय अक्सर जान का जोखिम बना रहता था, जिसे DMRC का यह एफओबी प्रोजेक्ट पूरी तरह खत्म कर देगा। DMRC के इस कदम से दिल्ली के ट्रैफिक ढांचे और पैदल यात्री सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा:
सड़क हादसों में कमी: मुख्य सड़कों पर बिना सिग्नल के जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने वाले यात्रियों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा, जिससे दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी।
सुगम यातायात: पैदल यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था होने से मुख्य सड़कों पर वाहनों की गति बाधित नहीं होगी और ट्रैफिक सिग्नल पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: मेट्रो स्टेशनों के आसपास पहुंचना अधिक सुरक्षित और आसान हो जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
DMRC इस समय इन 13 चिन्हित स्टेशनों की अंतिम सूची, स्थल निरीक्षण और फंड आवंटन की प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटा है। सभी प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन्हें आम जनता की सेवा में समर्पित कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली की शहरी व्यवस्था और अधिक पैदल-अनुकूल (Pedestrian-Friendly) बन सकेगी।
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