यूपी रोडवेज के बेड़े में जुड़ेंगी 250 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें: योगी कैबिनेट ने दी 400 करोड़ की मंजूरी, प्रदूषण पर लगेगा अंकुश
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें खरीदी जाएंगी। कैबिनेट ने 400 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी।
250 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा रोडवेज का बेड़ा
लखनऊ। योगी कैबिनेट ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी अहम फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रस्तावित है। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की प्रावधानित धनराशि को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है।
प्रस्ताव के तहत 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें खरीदी जाएंगी। इन 250 बसों की कुल खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय संभावित है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली 400 करोड़ रुपये की धनराशि के अतिरिक्त करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।
प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना भी है। सीपीक्यूएम के निर्देशों के अनुसार 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले सार्वजनिक परिवहन को इन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगा।
नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए परिवहन सेवाओं को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आम यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प देंगी।
लोगों को कई स्तर पर मिलेगा रोजगार
इसके साथ ही बस बेड़े के विस्तार से चालकों, परिचालकों और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल-अकुशल कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। बसों की संख्या में वृद्धि से ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
Also Click : Hijab Row: स्कूल में यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की छात्रा की याचिका
What's Your Reaction?







