नैमिषारण्य में बेतरतीब पार्किंग बनी आफत, सड़कों पर भारी वाहनों के जमावड़े से श्रद्धालु और स्कूली बच्चे परेशान
नैमिषारण्य में सड़कों पर खड़े बड़े वाहनों से भीषण जाम की स्थिति। पितृपक्ष में श्रद्धालुओं और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी, प्रशासन से पार्किंग सुधारने की मांग।
रिपोर्ट : सुरेंद्र मोठी नैमिषारण्य
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में इन दिनों अनियंत्रित और अवैध पार्किंग के चलते आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पितृपक्ष के चलते देशभर से भारी तादाद में श्रद्धालु यहां पूर्वजों के तर्पण और दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न आश्रमों और धार्मिक केंद्रों पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा और श्रीराम कथा जैसे धार्मिक प्रसंगों के कारण भी क्षेत्र में लोगों का आवागमन कई गुना बढ़ गया है। ऐसे समय में सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े किए जा रहे बड़े वाहनों ने यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

कल्ली-लखनऊ मुख्य मार्ग और कालीपीठ चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां संचालित निजी गेस्ट हाउसों, धर्मशालाओं और दुकानों के सामने बड़े वाहनों, टूरिस्ट बसों और चौपहिया गाड़ियों को सीधे सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है। इस वजह से दोतरफा चलने वाला चौड़ा मार्ग सिमटकर बेहद संकरा हो गया है। सड़क के अधिकांश हिस्से पर वाहनों का कब्जा रहने से आने-जाने वाले छोटे वाहनों की रफ्तार थम जाती है और लंबा जाम लग जाता है।
इस अव्यवस्था का सबसे बुरा असर स्थानीय स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को खड़े वाहनों के बीच की तंग जगह से जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है। सुबह और दोपहर के समय स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को हर पल हादसे का डर सताता रहता है। तेज धूप और भीड़ के बीच जरा सी असावधानी से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और पितृपक्ष के कारण आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आमद और ज्यादा बढ़ेगी। यदि समय रहते सड़क किनारे लगने वाले इन अनियंत्रित वाहनों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो सकती है। क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं ने स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस से मांग की है कि कल्ली-लखनऊ मार्ग एवं प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास खड़े होने वाले बड़े वाहनों को तत्काल व्यवस्थित कराया जाए। इसके लिए चिन्हित स्थानों पर स्थायी पार्किंग का प्रबंध हो और नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि तीर्थनगरी में आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।
What's Your Reaction?