देवबंद के चंदेना कोली में नौ दिवसीय वैदिक रामायण कथा शुरू, मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से सीख लेने का आह्वान
देवबंद के चंदेना कोली में नौ दिवसीय वैदिक रामायण कथा का शुभारंभ हुआ। यज्ञ और आहुतियों के बीच आचार्य कुलदीप ने प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला।
देवबंद क्षेत्र के गांव चंदेना कोली स्थित गांधी वैदिक इंटर कॉलेज परिसर में नौ दिवसीय वैदिक रामायण कथा का विधिवत आरंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजेंद्र चौधरी ने दीप जलाकर किया। इसके बाद मुख्य आचार्यों ने वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया और उपस्थित लोगों ने पूर्ण विधि-विधान के साथ यज्ञ में आहुतियां देकर विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
समारोह के पहले दिन व्यासपीठ से कथा सुनाते हुए आचार्य कुलदीप ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के पावन जीवन प्रसंगों की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम का संपूर्ण जीवन सत्य, समर्पण और मर्यादा की मिसाल है। उनके जीवन के आदर्श केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि अपने दैनिक आचरण में उतारने के लिए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विजेंद्र चौधरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रभु श्रीराम का स्थान अद्वितीय है। रामायण मात्र कोई सामान्य ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाला जीवन दर्शन है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का विकास होता है और समाज में आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
इस धार्मिक आयोजन में विद्यालय प्रबंधक जोगेंद्र, प्रधानाचार्य ओमनाथ सिंह, देवबंद सहकारी समिति निदेशक पपिन चौधरी, हरपाल सिंह संत, मुनेश प्रधान, सत्येंद्र वैदिक, अनुराग आर्य, कविराज, बलराज मलिक, देवेश्वर सिंह, सेवानिवृत्त डीएसपी राज सिंह, आर्य समाज प्रधान सतीश और सुनील कमांडर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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