Mohan Bhagwat Gen-Z Address: 100 शहरों के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, जानें पूरा कार्यक्रम
RSS प्रमुख मोहन भागवत 6 अगस्त को IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर 100 से अधिक शहरों के 15-19 वर्ष के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संवाद करेंगे।
- Mohan Bhagwat IIMUN Conference: IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर Gen-Z से जुड़ेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, 6 अगस्त को बड़ा आयोजन
- Gen-Z से सीधा संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत: 100 से अधिक शहरों के स्कूली छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे चर्चा
- RSS News: 6 अगस्त को देश के 100 शहरों के Gen-Z युवाओं से संवाद करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत आगामी 6 अगस्त 2026 को देश भर के 100 से अधिक शहरों के युवाओं (Gen-Z) के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे हैं। 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टु यूनाइटेड नेशन्स' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाली वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान यह संवाद आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से 15 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के स्कूली और कॉलेज के छात्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरएसएस प्रमुख से सीधे जुड़ेंगे। राष्ट्रीय निर्माण, सामाजिक सहभागिता और वैश्विक दृष्टिकोण में भारतीय युवाओं की भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है, जिसे संघ के व्यापक युवा आउटरीच अभियान के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने वैचारिक विस्तार और युवा पीढ़ी के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के लिए एक बड़ा पहलकदमी अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के 100 से अधिक शहरों में फैले Gen-Z यानी 15 से 19 साल के किशोरों और युवाओं को संबोधित करेंगे। यह विशेष संवाद 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टु यूनाइटेड नेशन्स' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के भव्य उद्घाटन समारोह के दौरान होगा। वर्चुअल माध्यम से होने वाले इस आयोजन में हजारों छात्र एक साथ संघ प्रमुख के विचारों को सुनेंगे और उनसे संवाद स्थापित करेंगे।
IIMUN पिछले डेढ़ दशक से भारतीय युवाओं में कूटनीति, वैश्विक मामलों और नागरिक जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने के लिए काम कर रहा है। इस वर्ष अपनी 15वीं वर्षगांठ के मौके पर संस्था ने अपनी प्रमुख वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस का दायरा काफी व्यापक रखा है। 6 अगस्त को आयोजित होने वाले इस उद्घाटन सत्र में तकनीक की मदद से देश के कोने-कोने के प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस वर्चुअल सम्मलेन में देश के प्रमुख 100 से अधिक शहरों के अलग-अलग स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों से 15 से 19 वर्ष के जनरेशन-जेड (Gen-Z) छात्रों को एक मंच पर लाया जा रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। उनका संबोधन मुख्य रूप से आज के युवाओं की आधुनिक दृष्टिकोण, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा।
संघ से जुड़े सूत्रों का मानना है कि संघ प्रमुख का यह संवाद युवाओं के मन में राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जगाने में मददगार साबित होगा। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि आज का युवा वर्ग तकनीक और वैश्विक बदलावों से तेजी से प्रभावित हो रहा है, ऐसे में उन्हें भारत की जड़ों से जोड़े रखते हुए आधुनिक प्रगति के मार्ग पर ले जाना समय की आवश्यकता है।
वहीं IIMUN की आयोजन समिति ने इस साझेदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस प्रतिष्ठित मंच के जरिए देश के अग्रणी युवाओं को एक वरिष्ठ विचारक और सामाजिक नेता के अनुभव और विचारों से सीखने का अनूठा अवसर मिलेगा। विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक अच्छी दिशा करार दिया है।
इस तरह का बड़े पैमाने पर होने वाला वर्चुअल आउटरीच कार्यक्रम युवाओं और राष्ट्रीय संगठनों के बीच की दूरी को कम करने में असरदार साबित हो सकता है। जनरेशन-जेड (Gen-Z) आमतौर पर सोशल मीडिया और आधुनिक वैश्विक विमर्शों से गहराई से जुड़ा होता है। मोहन भागवत का यह सीधा संवाद युवाओं को संघ की विचारधारा और सामाजिक कार्यों को करीब से समझने का एक निष्पक्ष मौका देगा। इसके अलावा, 100 शहरों के छात्रों का एक साथ जुड़ना यह दर्शाता है कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से अब विचार-विमर्श का दायरा मेट्रो शहरों से निकलकर छोटे-बड़े जिलों तक पहुंच चुका है।
6 अगस्त को आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक वर्चुअल संवाद के बाद IIMUN की वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के तहत कई दौर की बहसें, कूटनीतिक चर्चाएं और मॉडल यूएन सत्र आयोजित किए जाएंगे। संघ की ओर से भी इस बात के संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में युवा पीढ़ी और विशेषकर Gen-Z के साथ जुड़ाव के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और शैक्षणिक मंचों का उपयोग आगे भी जारी रखा जाएगा। इस सम्मेलन के निष्कर्ष और संघ प्रमुख के वक्तव्य का प्रभाव आने वाले दिनों में देश के युवा विमर्श पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।
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