भारत की सबसे महंगी वाहन नंबर प्लेट हरियाणा में HR88B8888 1.17 करोड़ रुपये में बिकी, नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना।
भारत में वाहनों की नंबर प्लेटें अब सिर्फ पहचान का साधन नहीं रह गई हैं, बल्कि स्टेटस सिंबल और भाग्य के प्रतीक बन चुकी हैं। 26 नवंबर 2025 को
भारत में वाहनों की नंबर प्लेटें अब सिर्फ पहचान का साधन नहीं रह गई हैं, बल्कि स्टेटस सिंबल और भाग्य के प्रतीक बन चुकी हैं। 26 नवंबर 2025 को हरियाणा के कुंडली आरटीओ में आयोजित ऑनलाइन नीलामी में 'HR88B8888' नंबर प्लेट 1.17 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर बिक गई। यह भारत की अब तक की सबसे महंगी वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट है, जो पिछले रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर चुकी है। नीलामी में 45 से ज्यादा बोली लगाने वालों ने हिस्सा लिया, जिससे बेस प्राइस 50 हजार रुपये से शुरू होकर दोपहर तक 88 लाख और शाम पांच बजे अंतिम बोली 1.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। यह नंबर हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली आरटीओ से जुड़ा है, जहां 'HR' राज्य कोड, '88' जिला कोड, 'B' वाहन सीरीज और '8888' यूनिक नंबर है। इसकी खासियत यह है कि बड़ा अक्षर 'B' आठ के आकार जैसा दिखता है, जिससे पूरा नंबर आठ की श्रृंखला जैसा लगता है। आठ को कई संस्कृतियों में समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है, यही वजह है कि अमीर वर्ग में इसकी डिमांड इतनी तेज रही।
हरियाणा परिवहन विभाग साप्ताहिक ऑनलाइन नीलामी आयोजित करता है, जो fancy.parivahan.gov.in पोर्टल पर होती है। हर शुक्रवार शाम पांच बजे से सोमवार सुबह नौ बजे तक इच्छुक व्यक्ति अपनी पसंद के नंबर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद सोमवार से बुधवार शाम पांच बजे तक बोली लगती है। इस हफ्ते की नीलामी में HR88B8888 पर सबसे ज्यादा 45 आवेदन आए, जो अन्य नंबर्स से कहीं ज्यादा थे। बेस प्राइस सिर्फ 50 हजार रुपये रखा गया था, लेकिन बोलीदारों की होड़ ने इसे चंद घंटों में करोड़ों में पहुंचा दिया। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विजेता को पांच दिनों के अंदर पूरी राशि जमा करनी होती है, उसके बाद नंबर उसके वाहन से लिंक हो जाता है। यह नंबर किसी भी प्रकार के वाहन पर लगाया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर लग्जरी कारों के लिए इस्तेमाल होता है।
यह रिकॉर्ड पिछले हफ्ते ही हरियाणा में ही बने HR22W2222 के 37.91 लाख रुपये के रिकॉर्ड को तोड़ देता है। HR22W2222 में भी दोहराव वाली संख्याओं की वजह से आकर्षण था, लेकिन HR88B8888 की कीमत तीन गुना से ज्यादा है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो अप्रैल 2025 में केरल के तकनीकी अरबपति वेणु गोपालकृष्णन ने अपनी लैम्बोर्गिनी उरुस परफॉर्मेंटे के लिए KL 07 DG 0007 नंबर 45.99 लाख रुपये में खरीदा था, जो अब पुराना रिकॉर्ड हो गया। दिल्ली में 0001 जैसे सुपर एलीट नंबर्स पर 20-25 लाख तक की बोली लगी है, लेकिन HR88B8888 ने सभी को पीछे छोड़ दिया। पंजाब में PB01C0001 जैसे नंबर्स 50 लाख तक बिके हैं, लेकिन हरियाणा की यह नीलामी सबसे ऊंची रिकॉर्ड साबित हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि फैंसी नंबर्स की डिमांड लग्जरी वाहनों के बढ़ते बाजार से जुड़ी है। भारत में लग्जरी कारों की बिक्री 2025 में 20 प्रतिशत बढ़ी है, और इनके मालिक स्टेटस दिखाने के लिए ऐसे नंबर्स पसंद करते हैं।
फैंसी नंबर्स की लोकप्रियता का राज उनकी सांस्कृतिक महत्वता में छिपा है। चीनी संस्कृति में आठ धन और सफलता का प्रतीक है, जो भारत के अमीर चीनी मूल के व्यापारियों को आकर्षित करता है। इसी तरह, 786 या 007 जैसे नंबर्स इस्लामी या बॉलीवुड प्रभाव से चलते हैं। HR88B8888 में 'B' का आकार आठ जैसा होने से यह परफेक्ट '8888' जैसा लगता है, जो भाग्यशाली माना जाता है। नीलामी में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर कारोबारी, रियल एस्टेट डेवलपर और एनआरआई थे। एक बोलीदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ऐसे नंबर वाहन की वैल्यू बढ़ाते हैं और रीसेल में फायदा देते हैं। परिवहन विभाग को इससे अच्छी कमाई भी होती है। हरियाणा ने 2025 में अब तक 50 करोड़ रुपये से ज्यादा फैंसी नंबर्स से कमाए हैं, जो सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होते हैं।
ऐसी नीलामियां पूरे देश में चल रही हैं। महाराष्ट्र में MH01CJ0001 जैसे नंबर्स 10 लाख तक बिकते हैं। गुजरात और राजस्थान में भी साप्ताहिक ई-नीलामी होती है। लेकिन हरियाणा की प्रक्रिया सबसे पारदर्शी और तेज मानी जाती है। विभाग ने 2024 में 200 से ज्यादा फैंसी नंबर्स नीलाम किए, जिनसे 30 करोड़ की आय हुई। इस साल यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है। हालांकि, कुछ आलोचक कहते हैं कि यह अमीरों का शौक है, जबकि सड़क सुरक्षा पर फोकस कम हो रहा है। लेकिन अधिकारी स्पष्ट करते हैं कि यह वैध तरीका है, जो काला बाजार रोकता है। पुराने समय में फैंसी नंबर्स रिश्वत से मिलते थे, लेकिन अब ई-नीलामी ने इसे साफ कर दिया।
HR88B8888 की बिक्री ने लग्जरी ऑटो सेक्टर में हलचल मचा दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह ट्रेंड बढ़ेगा। 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग सीरीज आएंगी, जिनमें फैंसी नंबर्स की डिमांड और तेज होगी। एक ऑटो डीलर ने बताया कि ग्राहक अब कार खरीदते समय नंबर प्लेट की नीलामी चेक करते हैं। यह नंबर सोनीपत के आरटीओ से जारी होगा, जो दिल्ली-एनसीआर के करीब है। विजेता की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन स्रोतों के मुताबिक यह एक प्रमुख उद्योगपति है। विभाग ने विजेता को पांच दिनों में भुगतान का नोटिस जारी किया है। अगर समय पर न जमा किया तो नंबर दोबारा नीलाम होगा।
यह घटना भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को दिखाती है। मध्यम वर्ग बढ़ रहा है, लेकिन ऊपरी तबका स्टेटस पर खर्च करने को तैयार है। फैंसी नंबर्स अब निवेश का साधन भी बन गए हैं। कुछ लोग इन्हें रीसेल करते हैं और मुनाफा कमाते हैं। लेकिन याद रखें, नंबर प्लेट वैध होनी चाहिए। गैरकानूनी तरीके से खरीदना जुर्म है। परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्यों को ई-नीलामी को अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। हरियाणा इस मामले में अग्रणी है।
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