दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 हटने से राहत: AQI में सुधार के बाद 50% वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों का हाइब्रिड मोड बंद, GRAP-2 नियम लागू। 

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण लागू सख्त पाबंदियों में कुछ राहत

Nov 27, 2025 - 12:47
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दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 हटने से राहत: AQI में सुधार के बाद 50% वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों का हाइब्रिड मोड बंद, GRAP-2 नियम लागू। 
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 हटने से राहत: AQI में सुधार के बाद 50% वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों का हाइब्रिड मोड बंद, GRAP-2 नियम लागू। 

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण लागू सख्त पाबंदियों में कुछ राहत मिली है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने 26 नवंबर 2025 को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज III की पाबंदियां तुरंत प्रभाव से हटा ली हैं। दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 327 पर पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। पिछले तीन दिनों से लगातार सुधार देखा गया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, AQI अभी भी बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है और मौसम विभाग तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटरोलॉजी के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। GRAP-III हटने के साथ ही सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए अनिवार्य वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था समाप्त हो गई है। इसी तरह, कक्षा 5 तक के स्कूलों में चल रहा हाइब्रिड मोड भी बंद कर दिया गया है। अब सभी संस्थान पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे, लेकिन GRAP-II के तहत अन्य पाबंदियां जारी रहेंगी।

यह फैसला सीएक्यूएम की सब-कमिटी ने लिया, जिसमें कहा गया कि स्टेज III की पाबंदियां कई हितधारकों को प्रभावित करती हैं, इसलिए सुधार के ट्रेंड को देखते हुए इन्हें हटाया जा रहा है। GRAP एक पूर्व-निर्धारित योजना है, जो हवा की गुणवत्ता के आधार पर चार चरणों में बंटी हुई है। स्टेज I खराब (AQI 201-300), स्टेज II बहुत खराब (AQI 301-400), स्टेज III गंभीर (AQI 401-450) और स्टेज IV गंभीर प्लस (AQI 450 से ऊपर) पर लागू होती है। दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों में प्रतिकूल मौसम, वाहनों के उत्सर्जन, पराली जलाने, पटाखों और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इस साल नवंबर में दिल्ली का AQI 20 दिनों से लगातार बहुत खराब श्रेणी में रहा। 11 नवंबर को AQI 400 से ऊपर जाने पर GRAP-III लागू हुआ था, लेकिन 14 नवंबर से सुधार शुरू हो गया। रविवार को 391, सोमवार को 382, मंगलवार को 353 और बुधवार को 327 पर पहुंचा।

GRAP-III के तहत कई सख्त कदम उठाए गए थे। गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्य बंद कर दिए गए थे, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां निलंबित थीं। दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर पाबंदी लगी थी, जबकि पुराने डीजल गुड्स वाहनों का प्रवेश वर्जित था। कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य थी, बाकी वर्क फ्रॉम होम पर थे। स्कूलों में कक्षा 5 तक हाइब्रिड मोड चल रहा था, जिसमें कुछ कक्षाएं ऑनलाइन ली जा रही थीं। ये कदम छात्रों, कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों को काफी परेशान कर रहे थे। अब इनमें से सभी GRAP-III संबंधी पाबंदियां हट गई हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि GRAP-III हटने से कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम खत्म हो गया है और स्कूलों का हाइब्रिड मोड भी बंद है। अब GRAP-II के नियम सख्ती से लागू होंगे।

हालांकि राहत मिलने के बावजूद सतर्कता बरतने की जरूरत है। सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया कि GRAP-I और GRAP-II के सभी उपाय जारी रहेंगे। स्टेज II में सार्वजनिक कार्यालयों के लिए स्टैगर्ड टाइमिंग, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के कदम शामिल हैं। निर्माण स्थलों पर जो उल्लंघन के कारण बंद किए गए थे, वे बिना विशेष अनुमति के फिर शुरू नहीं होंगे। वाहनों के लिए BS-III और BS-IV पर छूट मिल गई है, लेकिन विकलांग व्यक्तियों को पहले जैसी छूट बनी रहेगी। मध्यम गुड्स वाहनों और लाइट कमर्शियल वाहनों पर गैर-साफ ईंधन वाले प्रतिबंध हट गया। दिल्ली सरकार ने कहा कि सभी एजेंसियां GRAP-II का कड़ाई से पालन करेंगी, ताकि AQI फिर गंभीर श्रेणी में न जाए।

दिल्ली का मौसम भी ठंडा हो गया है। 26 नवंबर को न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों का सबसे कम है। धुंध और कम दृश्यता ने यात्रा को और मुश्किल बना दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI अलग-अलग था। रोहिणी में 401 (गंभीर), बावाना में 382 (बहुत खराब) और आनंद विहार में 350। कुछ इलाकों जैसे मजनू का टीला और नजफगढ़ में सुधार दिखा। लेकिन कुल मिलाकर शहर की हवा जहरीली बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में फाइन पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5) का स्तर अभी भी WHO के मानकों से 10 गुना ज्यादा है।

यह फैसला दैनिक जीवन को सामान्य करने में मदद करेगा। कार्यालय कर्मचारियों को अब पूरी उपस्थिति के साथ काम करना होगा, जिससे ट्रैफिक बढ़ सकता है। लेकिन सिरसा ने चेतावनी दी कि लापरवाही न बरती जाए। स्कूलों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन-ऑफलाइन व्यवस्था की चिंता कम हो जाएगी। कक्षा 5 तक के छोटे बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड चुनौतीपूर्ण था। अब सभी कक्षाएं फिजिकल मोड में होंगी। लेकिन अभिभावक अभी भी मास्क पहनने और प्रदूषण से बचाव की सलाह दे रहे हैं। दिल्ली सरकार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्कूलों को दिशानिर्देश जारी करेगा।

GRAP-III लागू होने के समय कई शिकायतें आई थीं। निर्माण मजदूर बेरोजगार हो गए, क्योंकि गैर-जरूरी प्रोजेक्ट रुके। वाहन प्रतिबंध से कम्यूटर्स परेशान हुए। लेकिन सुधार के बाद यह कदम जरूरी था। सीएक्यूएम ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि स्टेज I और II पर निगरानी बढ़ाएं। इसमें धूल नियंत्रण, वाहन उत्सर्जन जांच, पराली जलाने पर सख्ती और इंडस्ट्रियल इमिशन मॉनिटरिंग शामिल है। दिल्ली नगर निगम ने खुले में कचरा जलाने और निर्माण अपशिष्ट डंपिंग पर 5.8 लाख और 3.53 करोड़ रुपये के चालान जारी किए। 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर विशेष टीम तैनात हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक पुलिस, मेट्रो, सिंचाई और जल बोर्ड के बीच समन्वय हो रहा है।

राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर में हरियाली बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें वृक्षारोपण पर जोर दिया गया। विपक्ष ने कहा कि GRAP-III हटना अच्छा है, लेकिन लंबे समय के समाधान की जरूरत। आम आदमी पार्टी ने कहा कि सर्दियों में हर साल यही समस्या आती है, इसलिए स्थायी उपाय जैसे इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाना जरूरी। बीजेपी ने सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लेकिन विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि अगर हवा का रुख बदल गया तो AQI फिर बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश हो सकती है, जो राहत देगी।

दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यह खबर सकारात्मक है। पिछले 15 दिनों से स्मॉग ने शहर को घेर रखा था। लोग मास्क पहनकर बाहर निकलते थे, आउटडोर एक्टिविटी बंद थी। अब ऑफिस जाने वाले कर्मचारी सामान्य रूटीन पर लौट सकेंगे। स्कूल बसें फिर चलेंगी। लेकिन डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें, खिड़कियां बंद रखें और सांस संबंधी बीमारियों वाले सावधान रहें। सीपीसीबी के अनुसार, AQI में सुधार हवा की गति बढ़ने से हुआ। लेकिन पराली जलाने का मौसम अभी बाकी है। पंजाब और हरियाणा में किसानों को वैकल्पिक तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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